UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार बहुत जल्द युवा नीति लाएगी, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्किलिंग और रोजगार पर फोकस होगा। इसके साथ ही नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के जरिए सिद्धार्थनगर के बांसी से बस्ती होते हुए प्रयागराज को जोड़ने और इस मार्ग को चित्रकूट से आगे सुदूर दक्षिण भारत तक ले जाने की योजना है, जिसका महत्वपूर्ण केंद्र अंबेडकरनगर बनेगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की विकास और गरीबों के उत्थान में कोई रुचि नहीं है। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त का दिन इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वर्ष 1905 में इसी दिन स्वाधीनता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए ‘स्वदेशी’ को अपना मंत्र बनाया था।
जो स्वयं को नहीं संभाल पा रहे, वे प्रदेश की 25 करोड़ जनता को क्या संभालते? इसीलिए दंगाइयों के सामने समाजवादी घुटने टेकते थे। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंबेडकरनगर में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि अब कोई दंगा कराने की धमकी देता है तो जवाब मिलता है, “आओ बच्चू, थोड़ा दंगा करवा लो, मैं तुम्हें दंगा कराना सिखा देता हूं।” उन्होंने कहा कि सपा का झंडा लेकर चलने वाले अवैध वसूली करते थे, थानों से तहसीलों तक उनका कब्जा था और नौकरी निकलते ही ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी’ वसूली के लिए निकल पड़ती थी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले भी मुख्यमंत्री होते थे, लेकिन उन्हें गोविंद साहब धाम आने की फुर्सत नहीं थी और नोएडा जाने से इसलिए डरते थे कि कहीं कुर्सी न खिसक जाए। जनता ने उनकी कुर्सी हमेशा के लिए विदा कर दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जलालपुर, आलापुर और टांडा विधानसभा क्षेत्रों की 706 करोड़ रुपये से अधिक की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। उन्होंने लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाणपत्र और चेक वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कटेहरी उपचुनाव में जनता ने धर्मराज निषाद को विजयी बनाया था। इसके बाद आज उन्हें एक बार फिर क्षेत्र में आने का अवसर मिला है। गोविंद साहब धाम आने का यह उनका पहला अवसर है और संभवतः वह यहां आने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं। सैकड़ों वर्षों से आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र रहा यह पवित्र धाम लोगों को अपनी विरासत से जुड़ने की प्रेरणा देता है। गोविंद साहब की पवित्र समाधि और नवनिर्मित राम-जानकी मंदिर में दर्शन कर उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति हुई।
हमारे जनप्रतिनिधियों ने जो कहा है, उसके अनुरूप मेले को राजकीय परंपरा और सुविधाओं से जोड़ेंगे
उन्होंने कहा कि माघ मेले में यहां बहुत बड़ा मेला लगता है। लाखों श्रद्धालु आते हैं। सर्दी की ठिठुरन के बावजूद अपनी विरासत के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता ज्ञापित करने का भाव यहां के लोगों में रहता है। अब यह मेला राजकीय मेले के रूप में मान्यता प्राप्त करेगा। हमारे जनप्रतिनिधियों ने जो कहा है, उसके अनुरूप इस मेले को हम राजकीय परंपरा और सुविधाओं से जोड़ेंगे। जब विगत वर्ष कटेहरी चुनाव के तत्काल बाद आया था, तब 1500 करोड़ रुपये की सौगात देकर यहां का कर्ज चुकता करने के लिए आया था और आज 706 करोड़ रुपये का यह उपहार अंबेडकर नगर वासियों को प्रदान करता हूं।
विकास का मॉडल देखना है तो अंबेडकर नगर आकर देखिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का मॉडल देखना है तो अंबेडकर नगर आकर देखिए। जनपद एक नहीं, बल्कि दो-दो एक्सप्रेसवे से जुड़ चुका है। यहां के मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण करके लोगों को ट्रॉमा और इमरजेंसी सेवाओं की सुविधा मिले, सरकार ने इन सभी कार्यों को किया है। कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की तीन महत्वपूर्ण आधारशिलाएं विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका हैं। तीनों के कार्यक्षेत्र, सीमाएं और लक्ष्मण रेखाएं तय हैं। आपसी समन्वय के साथ ये तीनों संस्थाएं विकास कार्यों को गति देने का काम करती हैं।
विधानसभा में समाजवादी पार्टी ने हो-हल्ला और कोहराम मचाया
उन्होंने कहा कि हाल ही में विधानसभा में सरकार 59 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट लेकर आई थी। उम्मीद थी कि सत्ता पक्ष और सहयोगी दलों के साथ विपक्ष भी इस पर चर्चा में रुचि दिखाएगा। बजट में युवाओं के रोजगार, अन्नदाता किसानों के उन्नयन, महिलाओं के स्वावलंबन और गरीबों के कल्याण के लिए नई योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रावधान किया गया है। लेकिन समाजवादी पार्टी ने हो-हल्ला और कोहराम मचाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुपूरक बजट में सामाजिक न्याय की विभूतियों, महापुरुषों, संतों और ऋषियों के सम्मान के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया गया था। महर्षि वाल्मीकि, सद्गुरु संत रविदास, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, छत्रपति शाहू जी महाराज और ज्योतिबा फुले समेत अन्य महापुरुषों से जुड़े स्मारकों और प्रतिमाओं पर छतरी लगाने के साथ सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल और गेट के निर्माण की व्यवस्था की गई थी। अनुपूरक बजट में आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई थी। कोटेदारों का इंसेंटिव और ग्राम चौकीदारों का मानदेय बढ़ाने का भी प्रावधान किया गया था, लेकिन समाजवादी पार्टी ने विधानसभा नहीं चलने दी। क्योंकि समाजवादी पार्टी की विकास और गरीबों के उत्थान में कोई रुचि नहीं है।
सपा सरकार में पैसे दिए बिना नौकरी नहीं मिलती थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओम प्रकाश राजभर ने भी पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान प्रदेश में अराजकता और गुंडागर्दी का जिक्र किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरियां नहीं मिलती थीं। नौकरी का विज्ञापन निकलते ही ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी’ वसूली के लिए निकल पड़ती थी। नौकरियों में भाई-भतीजावाद हावी था और युवाओं के हक पर डाका डाला जाता था। पैसे दिए बिना नौकरी नहीं मिलती थी, जिससे योग्य युवा भी खुद को ठगा महसूस करते थे। उस समय पठन-पाठन का माहौल चौपट और कानून-व्यवस्था तहस-नहस थी। आए दिन दंगे होते थे। कभी सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, मुरादाबाद, हापुड़, अलीगढ़, एटा, मथुरा, लखनऊ तो कभी कानपुर और प्रयागराज में दंगे होते थे।
उन्होंने कहा कि पहले दंगों के कारण उत्तर प्रदेश का माहौल इतना खराब हो गया था कि प्रदेश के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। हस्तशिल्पी और कारीगर पलायन को मजबूर थे, जबकि व्यापारी त्रस्त थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा का झंडा लेकर चलने वाले लोग अवैध वसूली करते थे। गुंडागर्दी चरम पर पहुंच गई थी। हालात ऐसे थे कि लोगों में यह धारणा बन गई थी ‘जिस गाड़ी में सपा का झंडा, समझो होगा उसमें कोई सपा का गुंडा।’ अन्नदाता किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे थे और कारीगर पलायन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सपा ने हर जिले में एक-एक माफिया पाल रखा था। कहीं बालू माफिया, कहीं भूमि माफिया, कहीं वन माफिया तो कहीं पशु माफिया सक्रिय थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को भी बताया जाना चाहिए कि उस दौर में किस तरह की अराजकता फैली हुई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश माफिया, गुंडा और कर्फ्यू से मुक्त है। नौजवानों के सामने पहचान का संकट नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार मिल रहा है। प्रदेश सरकार नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं के हितों से खिलवाड़ करने वालों को जेल भेजने के साथ उनकी बाप-दादों की कमाई तक जब्त कर गरीबों में बांट दी जाएगी। आज छात्रों के भविष्य, छात्रवृत्ति और नौजवानों के हक पर कोई डाका नहीं डाल सकता। बेटी से छेड़खानी या व्यापारी को धमकाने का भी कोई दुस्साहस नहीं कर सकता। सरकार ने तय कर रखा है कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए दो ही जगह हैं, जेल या जहन्नुम, तीसरी कोई जगह नहीं।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार में हर जिले में एक माफिया और सत्ता के समानांतर उसकी सत्ता चलती थी। तब ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ था, आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन’ है। सरकार हर जिले के व्यंजनों को भी पहचान देकर आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों के जीवन में बदलाव और हर गरीब को उसका अधिकार दिलाने के लिए काम कर रही है। प्रदेश में 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और 10 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये तक के आयुष्मान भारत का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे जन्म से मूक-बधिर हैं, उनकी सर्जरी में छह लाख रुपये तक खर्च हो रहे हैं। सरकार ने तय किया है कि इसका पूरा खर्च वह उठाएगी। जो बच्चे निराश्रित हैं या कोविड कालखंड में अपने माता अथवा पिता को खो चुके हैं, उनका पूरा खर्च सरकार मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत उठा रही है। उन्हें चार हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई गरीब बीमार है तो वह किसी भी जाति, क्षेत्र, मत या मजहब का हो, हमारे लिए वह प्रदेश का नागरिक है। अगर उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है तो मुख्यमंत्री राहत कोष से उसके उपचार के लिए पैसा दिया जाएगा। जनप्रतिनिधि उसकी सिफारिश करेंगे और इलाज के खर्च का भार सरकार उठाएगी। निराश्रित महिलाओं को निराश्रित महिला पेंशन, बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगजनों को दिव्यांगजन पेंशन दी जा रही है। एक करोड़ 10 लाख परिवारों को पेंशन की सुविधा का लाभ प्रदान किया जा रहा है। आज हर गांव को कनेक्टिविटी और बिजली से जोड़ने के साथ हर खेत तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2017 से पहले यह मौसम इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, कालाजार और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के लिए जाना जाता था, जिससे बच्चों में भय रहता था।
बच्चों के हंसते चेहरे बता रहे कि उनका भविष्य सुरक्षित है
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नप्राशन के दौरान मां की गोद में आए दो बच्चों को जब उन्होंने अपनी गोद में लिया तो उनके हंसते चेहरे बता रहे थे कि उनका भविष्य सुरक्षित है। डबल इंजन की सरकार उनके बचपन को सुरक्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के समय हर साल 1200 से 1500 बच्चे इंसेफेलाइटिस के शिकार होते थे, लेकिन इनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं होती थी। विकास के लिए सरकार के पास विजन और उसके लिए समय होना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले भी मुख्यमंत्री होते थे, लेकिन क्या उन्हें गोविंद साहब धाम आने की फुर्सत नहीं मिली थी? पिछले दिनों उन्हें श्रवण धाम और शिव बाबा धाम में भी आने का अवसर मिला था। पहले के मुख्यमंत्री इन स्थानों पर क्यों नहीं आते थे? वर्ष 2017 से पहले मुख…