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Budget 2026: खेल सामान क्षेत्र को 500 करोड़ रुपये का बढ़ावा; खेलो इंडिया का आवंटन ज़्यादा रहा

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट में खेल क्षेत्र को बड़ी सौगात दी गई है। खेल सामान निर्माण उद्योग को पहली बार 500 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन मिला है। इसके साथ ही युवा मामले और खेल मंत्रालय के बजट में 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मंत्रालय का कुल बजट 4479.88 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष के संशोधित बजट 3346.54 करोड़ रुपये से 1133.34 करोड़ रुपये अधिक है।

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को मिलने वाली राशि बढ़ाकर 880 करोड़ से 917.38 करोड़ रुपये कर दी गई है। SAI देशभर में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, राष्ट्रीय शिविरों और स्टेडियमों के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालता है।

हालांकि, राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी के बजट में कटौती की गई है। डोप टेस्टिंग लैब का बजट 28.55 करोड़ से घटाकर 23 करोड़ और एंटी-डोपिंग एजेंसी का बजट 24.30 करोड़ से घटाकर 20.30 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि भारत में उच्च गुणवत्ता और किफायती खेल सामान के वैश्विक केंद्र बनने की क्षमता है। उन्होंने खेल सामान के लिए एक विशेष पहल शुरू करने का प्रस्ताव रखा, जिससे निर्माण, शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

खेल मंत्रालय ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि खेल सामान उद्योग को समर्थन देने के लिए जल्द विस्तृत योजना बनाई जाएगी। यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्टार्टअप्स को भी प्रोत्साहित करेगी।

सरकार की प्रमुख खेलो इंडिया योजना को 924.35 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। पिछले साल इसके लिए 1000 करोड़ रुपये रखे गए थे, लेकिन खर्च 700 करोड़ रुपये ही हुआ था।

कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सहायता राशि 28.05 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दी गई है। यह खेल जुलाई-अगस्त में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने हैं।

वित्त मंत्री ने अगले 10 वर्षों के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है। इस मिशन के तहत प्रशिक्षण केंद्रों, कोचों, खेल विज्ञान, तकनीक, प्रतियोगिताओं और खेल ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

हालांकि, राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय का बजट 78.64 करोड़ से घटाकर 46.98 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

वहीं, राष्ट्रीय खेल विकास कोष में सरकार का योगदान 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। खिलाड़ियों को मिलने वाले प्रोत्साहन को भी 28 करोड़ से बढ़ाकर 40 करोड़ रुपये किया गया है।

राष्ट्रीय खेल महासंघों को दी जाने वाली सहायता 400 करोड़ से बढ़ाकर 425 करोड़ रुपये कर दी गई है। इसके अलावा, युवा और किशोर विकास कार्यक्रम का बजट भी बढ़ाकर 58.41 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

कुल मिलाकर, इस बजट में खेल और युवाओं से जुड़े क्षेत्रों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाए गए हैं।