Breaking News

विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष ए. बालकृष्णन के निधन पर PM मोदी ने जताया दुख     |   कानपुर में ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश, 2 जख्मी, गंगा बैराज के पास हुआ हादसा     |   चंडीगढ़ में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आज राज्यव्यापी हड़ताल     |   नेपाल की बाढ़ः पश्चिम बंगाल के 32, तमिलनाडु के 37 पर्यटक लापता     |   UPTET 2026 रिजल्ट जारी, प्राथमिक के 93 हजार और उच्च प्राथमिक के 1.13 लाख अभ्यर्थी पास     |  

असम बजट 2026-27 पेश, किसानों, चाय बागानों और बुनियादी ढांचे पर सरकार का फोकस

असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में असम ने अस्थिरता से शांति, उपेक्षा से राष्ट्रीय प्राथमिकता और अनिश्चितता से तेज विकास की ओर कदम बढ़ाया है। अब सरकार 'विकसित असम' और 'विकसित भारत' के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए काम करेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा असम बनाना है जो उत्पादक, समावेशी और ज्ञान आधारित हो। उन्होंने कहा कि राज्य को बाढ़ की समस्या से जलवायु अनुकूलता की ओर, पारंपरिक खेती से अधिक मूल्य वाली कृषि की ओर और पारंपरिक रोजगार से उद्योग, उद्यमिता व डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर ले जाया जाएगा। साथ ही ब्रह्मपुत्र घाटी, बराक घाटी, पहाड़ी क्षेत्रों और चाय बागानों के विकास पर समान ध्यान दिया जाएगा।

वहीं, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं को जारी रखेगी। धान, मक्का और सरसों की खरीद, डेयरी क्षेत्र के लिए सब्सिडी और चाय बागान की गर्भवती महिला श्रमिकों को मिलने वाली सहायता को आगे भी जारी रखा जाएगा और इसका दायरा बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की योजनाओं के कारण पिछले चार वर्षों में ऑर्थोडॉक्स चाय का उत्पादन बढ़कर 8 करोड़ किलोग्राम हो गया है। सरकार अब उत्पादन सब्सिडी बढ़ाकर 15 रुपये प्रति किलोग्राम और निर्यात प्रोत्साहन 3 रुपये प्रति किलोग्राम करने की योजना बना रही है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली रेल, सड़क और हवाई संपर्क से जुड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिससे कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाया जाएगा। इसके अलावा, सरकार अगले पांच वर्षों में 800 किलोमीटर सड़क निर्माण के लक्ष्य के साथ 'असम माला 4.0' योजना शुरू करेगी, ताकि राज्य के सभी क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिल सके।