जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंथन टॉप इलाके में भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण फंसे 235 नागरिकों और 38 वाहनों को भारतीय सेना ने सुरक्षित बचा लिया। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर के जवानों ने कठिन पहाड़ी रास्तों और लगातार हो रही बर्फबारी के बावजूद तेजी से राहत और बचाव अभियान चलाया।
रविवार को बचाव दल सिंथन टॉप पहुंचा और वहां फंसे लोगों को गरम खाना, पीने का पानी और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया। इसके साथ ही मरम्मत और रिकवरी टीमों ने फंसे हुए वाहनों को दोबारा चलने लायक बनाया, जबकि जिन वाहनों को ठीक नहीं किया जा सका, उनमें मौजूद यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मेडिकल टीमों ने जरूरतमंद लोगों को इलाज और आवश्यक दवाइयां भी दीं।
व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ और सभी नागरिकों व वाहनों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचा दिया गया। इस दौरान भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला।
इससे पहले जनवरी में भी भारतीय सेना ने नॉर्थ सिक्किम में फंसे 29 पर्यटकों को बचाया था। 27-28 जनवरी की रात क्षेत्र में तेज हवाएं और भारी बर्फबारी हुई, जिससे संकरी पहाड़ी सड़कों पर कई वाहन फंस गए और कुछ बर्फ में दब गए। फंसे हुए पर्यटकों में छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। तापमान शून्य से काफी नीचे चला गया था और कम ऑक्सीजन के कारण कई लोगों को एक्यूट माउंटेन सिकनेस और सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
सेना के कैंप में पहुंचने के बाद मेडिकल टीमों ने तुरंत इलाज शुरू किया और जरूरतमंदों को ऑक्सीजन और लगातार निगरानी दी गई। जवानों ने लोगों को ठंड से बचाने के लिए गरम कपड़े, स्लीपिंग बैग, हीटर, गरम खाना और गरम पानी उपलब्ध कराया। अगली सुबह मौसम और सड़क की स्थिति बेहतर होने के बाद सेना ने विशेष वाहनों के जरिए सभी पर्यटकों को सुरक्षित रूप से लाचुंग स्थित उनके होटलों तक पहुंचा दिया।