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Amarnath Yatra: श्रद्धालुओं को पीएम मोदी का संदेश, बोले- यह एक महान सौभाग्य; अपनाएं पांच संकल्प

Amarnath Yatra: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पवित्र अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए इसे "महान सौभाग्य" बताया। उन्होंने बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जा रहे भक्तों से भक्ति, अनुशासन और राष्ट्रहित की भावना के साथ यात्रा करने का आह्वान किया।

भगवान शिव के भक्तों को संबोधित अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा, "जम्मू-कश्मीर में आयोजित पवित्र अमरनाथ यात्रा में शामिल होना अपने आप में एक बड़ा सौभाग्य है। हर वर्ष बाबा बर्फानी के प्रत्यक्ष दर्शन का यह अवसर लाखों श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पावन और अविस्मरणीय अनुभव होता है। इस वर्ष की यात्रा के अवसर पर मैं सभी शिवभक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।"

पीएम मोदी ने अमरनाथ यात्रा को भारत की आध्यात्मिक परंपरा का एक अमर अध्याय बताते हुए कहा कि दुनिया भर से सनातन संस्कृति को मानने वाले लाखों श्रद्धालु हर वर्ष इस यात्रा में शामिल होने जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों और परंपराओं से आने वाले श्रद्धालु भगवान महादेव के आशीर्वाद की एक ही भावना के साथ इस कठिन यात्रा को पूरा करते हैं।

प्रधानमंत्री ने यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने में जुटे भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सफाईकर्मियों और स्वयंसेवकों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन दो महीनों के दौरान बाबा बर्फानी के धाम में भारत की "विविधता में एकता" का अद्भुत स्वरूप देखने को मिलता है।

इस अवसर पर पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान पांच संकल्प अपनाने की अपील की।

पहला संकल्प: अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता के सभी नियमों का पालन करें और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखें।

दूसरा संकल्प: प्रशासन के निर्देशों, यातायात नियमों और सुरक्षा संबंधी सभी दिशानिर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। फिसलन भरे रास्तों और खराब मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतें।

तीसरा संकल्प: ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना के तहत यात्रा खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, ताकि जम्मू-कश्मीर के युवाओं और परिवारों की आजीविका को मजबूती मिले।

चौथा संकल्प: यात्रा का समापन रक्षाबंधन के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक पौधा उपहार में देकर करें और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।

पांचवां संकल्प: ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ पूरे वर्ष अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करें और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, एकता और राष्ट्रनिर्माण की भावना को मजबूत करने का भी अवसर है।