महाराष्ट्र और देश की राजनीति को बुधवार को उस समय गहरा झटका लगा जब उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का एक विमान हादसे में निधन हो गया. वह बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था. हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो पायलट शामिल हैं. राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है.
महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने वाले अजित पवार को राज्य की राजनीति का एक प्रभावशाली और निर्णायक नेता माना जाता था. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री मोदी ने एनसीपी (एसपी) प्रमुख और अजित पवार के चाचा शरद पवार से फोन पर बात कर संवेदना प्रकट की. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘बारामती में हुए दुखद विमान हादसे से बेहद आहत हूं. इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वालों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. ईश्वर से प्रार्थना है कि इस कठिन समय में उन्हें शक्ति और साहस मिले.’
महाराष्ट्र की राजनीति में एक युग का अंत हो गया. अजित पवार का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. बड़े बेटे पार्थ ने पिता अजित पवार को मुखाग्नि दी. सुप्रिया सुले अपने भाई अजित पवार को अंतिम विदाई देते समय फूट-फूट कर रो पड़ीं. वहीं, सुनेत्रा पवार गुमशुम रहीं. इस मौके पर विद्या प्रतिष्ठान में इस दौरान परिवार के लोगों के साथ ही समर्थक और दिग्गज नेता मौजूद रहे.