दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने उत्तर भारत में वायु प्रदूषण से निपटने की तत्काल आवश्यकता पर जोर देते हुए अगले 15 दिनों को अहम बताया। शुक्रवार को केंद्र सरकार के साथ अहम बैठक के बाद, राय ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भूपेंद्र यादव के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के पर्यावरण मंत्री भी शामिल हुए। इसका उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता का आकलन करना और उसका हल निकालना है।
राय ने इस साल की बैठक में देरी पर चिंता व्यक्त की और कहा, "पिछले साल, अगस्त में इसी तरह की बैठक हुई थी, जिससे हमें रणनीति बनाने के लिए ज्यादा समय मिला। इस साल की बैठक अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में हुई।"
राय ने कहा, "अगर ये तीन महीने पहले किया गया होता, तो हम प्रदूषण की समस्या से ज्यादा बेहतर तरीके से निपट सकते थे।" राय के अनुसार, पंजाब ने पराली जलाने की घटनाओं में आशाजनक गिरावट दिखी है। वहीं हरियाणा और उत्तर प्रदेश में घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है।