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विमान के नुकसान के कारणों का पता लगाना ज्यादा जरूरी, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान क्षति पर CDS जनरल

New Delhi: प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान के साथ हालिया सैन्य टकराव में विमान के नुकसान की बात स्वीकार की, लेकिन छह भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराने के इस्लामाबाद के दावे को ‘‘बिल्कुल गलत’’ बताया। 

एक साक्षात्कार में चौहान ने कहा कि यह पता लगाना अधिक महत्वपूर्ण है कि विमान का नुकसान क्यों हुआ, ताकि भारतीय सेना रणनीति में सुधार कर सके और फिर से जवाबी हमला कर सके। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि लड़ाकू विमान का गिरना महत्वपूर्ण बात नहीं है, बल्कि महत्वपूर्ण है कि वे क्यों गिरे।’’ 

जनरल चौहान से पूछा गया कि क्या इस महीने पाकिस्तान के साथ चार दिनों तक सैन्य टकराव के दौरान भारत ने लड़ाकू विमान गंवाए थे। उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी बात यह है कि हम अपनी सामरिक गलतियों को समझ पाए, उन्हें सुधारा और दो दिन बाद फिर से लागू किया। हमने अपने सभी लड़ाकू विमानों को फिर से लंबी दूरी पर लक्ष्य करके उड़ाया।’’ 

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान छह भारतीय विमानों को मार गिराने के पाकिस्तान के दावे के बारे में पूछे जाने पर जनरल चौहान ने कहा, ‘‘यह पूरी तरह से गलत है।’’ इससे पहले, भारतीय वायुसेना के वायु संचालन महानिदेशक, एयर मार्शल ए के भारती ने स्वीकार किया था कि ‘‘नुकसान लड़ाई का एक हिस्सा है।’’ 

उन्होंने यह भी कहा था कि भारतीय वायुसेना के सभी पायलट सुरक्षित घर लौट आए हैं। एयर मार्शल भारती ने 11 मई को प्रेस वार्ता में यह टिप्पणी की थी, जब उनसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत के विमानों के नुकसान के बारे में पूछा गया था। जनरल चौहान ‘शांगरी-ला’ वार्ता में भाग लेने के लिए सिंगापुर में हैं।