Surajkund Tragedy: हरियाणा के सूरजकुंड मेला हादसे में जान गंवाने वाले दिवंगत जगदीश प्रसाद के शोकाकुल परिजन उन्हें बेहद संवेदनशील इंसान के रूप में याद करते हैं। मथुरा के रहने वाले जगदीश प्रसाद मार्च में रिटायर होने वाले थे।
58 साल के पुलिस अधिकारी शनिवार शाम फरीदाबाद में चल रहे 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में हादसे का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि जब 'सुनामी' झूला अचानक हवा में टूटा, तब वे लोगों को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन खुद गंभीर रूप से घायल हो गए और जान गंवा दी।
रविवार को जब उनका अंतिम संस्कार किया गया, तो उनका परिवार, सहकर्मी और मथुरा के निवासी भावभीनी श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े। जगदीश प्रसाद के परिवार में पत्नी सुधा, दो बेटियां और एक बेटा है। कुछ रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि वे प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हुए हैं।
हादसे में घायल कई लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार 11 पीड़ितों का मुफ्त इलाज कराएगी और गंभीर रूप से घायलों को वित्तीय मदद देगी।
हाल के सालों में सूरजकुंड मेले में झूलों से जुड़ा तीसरा हादसा हुआ है। इसने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने झूला संचालक के खिलाफ 'गैर-इरादतन हत्या' का मामला दर्ज किया है। साथ ही सुरक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन की जांच की जा रही है।