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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी बना मिसाल, प्रमुख क्षेत्रों में सेवाएं की गईं एकीकृत और ट्रैक योग्य

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा लागू किया गया ईज ऑफ डूइंग बिजनेस प्लान अब एक राष्ट्रीय मॉडल बनता जा रहा है। राज्य में प्रशासनिक सुधार, डिजिटल सेवाएं, समयबद्ध अनुमति प्रक्रिया और विभागीय समन्वय के जरिये व्यापारिक माहौल को पहले से कहीं ज्यादा सुगम, सरल और पारदर्शी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में निवेश की नोडल इन्वेस्ट यूपी ने निवेशकों की सुविधा के लिए कई कदम उठाए हैं, जिससे यूपी आज देश में नवीनतम सुधारों को लागू करने वाला अग्रणी राज्य बन चुका है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के तहत जो सुधार लागू किए गए हैं, उनकी मदद से एमएसएमई, स्टार्टअप्स और एफडीआई के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित हुआ है तो वहीं डिजिटल और उत्तरदायी प्रशासन की वजह से निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है। 

4675 से अधिक सुधार लागू
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत 4675 से अधिक सुधार लागू किए हैं, जिनमें से 524 सेवाएं डिजिटल माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम में एकीकृत की जा चुकी हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर राज्य की प्रतिबद्धता और कार्यशैली ने यूपी को देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में स्थापित किया है। इस प्रक्रिया में इन्वेस्ट यूपी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है, जिसने निवेशकों और उद्यमियों को न सिर्फ योजनाओं से जोड़ा बल्कि अनुमतियों की प्रक्रिया को भी सरल और समयबद्ध बनाया।

विभागों का समन्वय, सेवाओं की समयबद्धता
सरकार ने 45 विभागों को इस अभियान से जोड़ा है, जिससे उद्योग, पर्यावरण, बिजली, प्रदूषण नियंत्रण, आवास, सिंचाई जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सेवाएं अब एकीकृत और ट्रैक की जा सकने वाली बन चुकी हैं। जनहित गारंटी अधिनियम के तहत 200 से अधिक सेवाएं शामिल की गई हैं, जिसके तहत अब व्यापार संबंधी अनुमतियों, एनओसी, और लाइसेंस जारी करने की समय सीमा तय की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर पर एकीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से अब सभी सेवाओं की रियल टाइम निगरानी हो रही है। इससे न सिर्फ देरी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है, बल्कि जवाबदेही भी तय हुई है।

पारदर्शिता बढ़ी, भ्रष्टाचार खत्म
राज्य में निवेश प्रोत्साहन और परियोजनाओं की सुगमता से क्रियान्वयन के लिए इन्वेस्ट यूपी ने ‘सिंगल विंडो पोर्टल’ को 524 से अधिक सेवाओं से जोड़कर निवेशकों को एक ही स्थान से सभी प्रक्रियाओं की सुविधा प्रदान की है। इससे भूमि आवंटन, अनापत्ति प्रमाण पत्र, परियोजना स्वीकृति और अनुज्ञा जैसी सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश घटी है। यही नहीं, इसकी मदद से स्टार्टअप्स और नई इकाइयों को समयबद्ध अनुमति, भूमि आवंटन और कनेक्टिविटी में बड़ी सुविधा मिली है। योगी सरकार की इच्छाशक्ति, विभागीय समन्वय और इन्वेस्ट यूपी की दक्षता ने प्रदेश को निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बना दिया है।

सुधारों का विवरण
सुधार की श्रेणी               संख्या     शामिल विभाग
व्यापार-केंद्रित               2512           52
नागरिक-केंद्रित             1586           42
अपराधमुक्तिकरण          577           04