भारतीय रेलवे ने रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने और ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए 405 करोड़ रुपये की सिग्नलिंग अपग्रेडेशन परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत पूर्वी रेलवे के 32 स्टेशनों पर पुराने रिले आधारित इंटरलॉकिंग सिस्टम को हटाकर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) सिस्टम लगाया जाएगा। इनमें 25 पैनल इंटरलॉकिंग/रूट रिले इंटरलॉकिंग स्टेशन और 7 इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग स्थान शामिल हैं।
वर्तमान में कई स्टेशनों पर इस्तेमाल हो रही सिग्नलिंग प्रणाली काफी पुरानी हो चुकी है। पुराने उपकरणों, बिजली आपूर्ति व्यवस्था और तकनीकी कमियों के कारण रखरखाव में दिक्कतें आती हैं और खराबी की संभावना भी बढ़ जाती है। नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग तकनीक ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और प्रभावी बनाएगी। इससे सिग्नलिंग में होने वाली गड़बड़ियों की संभावना कम होगी और किसी भी तकनीकी खराबी का पता लगाकर उसे जल्दी ठीक किया जा सकेगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों का संचालन और अधिक सुचारू होगा। साथ ही यात्री और मालगाड़ियों दोनों की सुरक्षा में सुधार होगा। यह पहल भारतीय रेलवे की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत हाई-डेंसिटी रूट्स पर कवच, ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग और सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। रेलवे का मानना है कि इस परियोजना से ट्रेन संचालन की सुरक्षा, विश्वसनीयता और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।