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UPITS-2026 में अमरोहा के शहद और मिलेट्स कुकीज की धूम, विदेशी खरीदारों ने दिए बड़े ऑर्डर

ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2026) में अमरोहा के ग्रामीण और जैविक उत्पादों को विदेशी खरीदारों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के स्टॉल पर प्रखंड बायो एनर्जी किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (किसान वेदा) के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इटली, ओमान और नीदरलैंड के खरीदारों ने शहद और मिलेट्स कुकीज में खास रुचि दिखाई है।

नीदरलैंड और जापान से शहद की मांग

एफपीओ की ओर से तैयार नीम-मोरिंगा शहद और मिलेट्स कुकीज ट्रेड शो में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ओमान, जापान और नीदरलैंड के प्रतिनिधियों ने शहद की खरीद को लेकर एमओयू किए हैं। नीदरलैंड के खरीदारों ने टन के हिसाब से शहद की बल्क सप्लाई की मांग रखी है। शुरुआत में 1,000 से 1,500 बोतलों की पहली खेप पर सहमति बनी है।

वहीं, इटली के खरीदारों ने ज्वार और रागी से तैयार मिलेट्स कुकीज के लिए अनुबंध किया है। इसके लिए ₹1,600 से ₹2,000 प्रति किलो तक की कीमत पर समझौता हुआ है। एफपीओ के अनुसार, उसके उत्पाद एपीडा और पीजीएस के मानकों के तहत प्रमाणित हैं।

35 से ज्यादा खरीदारों ने दिखाई रुचि

ट्रेड शो के बी2बी और बी2सी सत्रों में 35 से अधिक बड़े खरीदारों ने एफपीओ के उत्पादों में रुचि दिखाई। बागपत के एफपीओ और 'डॉक्टर मोरिंगा' समेत करीब 10 से 15 घरेलू कंपनियों के साथ भी उत्पादों की आपूर्ति को लेकर बातचीत हुई है।

इसके अलावा, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर से पहुंचे उपभोक्ताओं ने भी स्टॉल पर खरीदारी की। शुरुआती दिनों में 150 से अधिक लोगों ने उत्पाद खरीदे।

कमल ककड़ी के अचार से लेकर लेमनग्रास उत्पादों तक

किसान वेदा के स्टॉल पर कमल ककड़ी, करौंदा, आंवला और लहसुन के अचार को भी खरीदार पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा मोरिंगा पाउडर, नीम शहद, मिलेट्स नमकीन, मल्टीग्रेन आटा और लेमनग्रास से तैयार चाय, तेल, हैंड सैनिटाइजर और फिनाइल भी प्रदर्शित किए गए हैं।

एफपीओ के मुताबिक, इन उत्पादों को तैयार करने में प्राकृतिक और हैंडमेड प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं की इनमें रुचि बढ़ी है।

120 हेक्टेयर में ताइवान पिंक अमरूद की खेती

एफपीओ की संस्थापक हितेश चौधरी के मुताबिक, उनके साथ करीब 3,000 किसान और 1,000 ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने के लिए 120 हेक्टेयर में एडवांस ताइवान पिंक अमरूद की खेती शुरू कराई गई।

इसके साथ गन्ने, अमरूद, मोरिंगा, गेहूं और मिलेट्स की मल्टी क्रॉपिंग भी की जा रही है। एफपीओ किसानों को बिचौलियों से बचाने के लिए खुद उनके उत्पाद खरीदता है। उदाहरण के तौर पर, अगर रागी का बाजार भाव ₹60 प्रति किलो है तो एफपीओ किसानों से इसे ₹63 प्रति किलो की दर से खरीदता है।

संघर्ष के बाद ₹50 लाख तक पहुंचा कारोबार

हितेश चौधरी ने वर्ष 2020 में एनआरएलएम के तहत महिला स्वयं सहायता समूह से काम शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने गन्ने की सिंगल बड चिप नर्सरी और गाय के गोबर से दीपक बनाने का काम किया। 17 अप्रैल 2021 को उन्होंने निजी एफपीओ की स्थापना की।

शुरुआती दौर में तैयार उत्पादों की बिक्री नहीं होने पर उन्हें पशुओं को खिलाना पड़ा। हालांकि, लगातार प्रयासों के बाद एफपीओ का वार्षिक कारोबार अब करीब ₹50 लाख तक पहुंच गया है। इस वित्तीय वर्ष में ₹1 करोड़ का टर्नओवर पार करने का लक्ष्य रखा गया है।

नए उत्पाद लॉन्च करने की तैयारी

कृषि विभाग, नमामि गंगे और परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत बने क्लस्टरों के जरिए हितेश किसानों और ग्रामीण महिलाओं को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी देती हैं।

UPITS में मिले रिस्पॉन्स के बाद अब एफपीओ की ओर से मोरिंगा के लड्डू, मोरिंगा बर्फी और हल्दी के विशेष अचार समेत नए उत्पाद लॉन्च करने की तैयारी है।

हितेश चौधरी ने कहा कि सरकारी सहयोग से उनके जैसे ग्रामीण उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का अवसर मिला है। उनके मुताबिक, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उनके एफपीओ के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ, जहां कृषि विभाग के स्टॉल के माध्यम से विदेशी खरीदारों से सीधे संपर्क हुआ।