मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' करने की दिशा में पहला औपचारिक कदम उठाया गया है। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) समर बहादुर सिंह ने बताया कि बुधवार को आयोजित कार्यकारी परिषद की बैठक में विश्वविद्यालय का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
उन्होंने कहा, "कार्यकारी परिषद की बैठक में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' करने का प्रस्ताव पेश किया गया था। परिषद ने इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। अब इस प्रस्ताव को आगे की कार्रवाई के लिए मध्य प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा।" रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय का नाम बदलने का अंतिम निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर लिया जाएगा। सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी की जाएगी और तभी नाम परिवर्तन प्रभावी होगा।
उन्होंने कहा, "अब मैं सरकार को औपचारिक रूप से पत्र लिखूंगा। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचना जारी की जाएगी। फिलहाल केवल प्रस्ताव को मंजूरी मिली है और उसी के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।" जब उनसे नाम बदलने की आवश्यकता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह चर्चा का विषय है, लेकिन वह इस पर कोई व्यक्तिगत राय नहीं देंगे बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान है और इसका नाम स्वतंत्रता सेनानी मौलाना बरकतउल्ला भोपाली के नाम पर रखा गया था। अब नाम परिवर्तन का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा, जहां इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।