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प्रकाश सिंह बोले- पुलिस सेवा समाज सेवा का सशक्त माध्यम, सिद्धांतों पर अडिग रहना सफलता का आधार

पद्मश्री और पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह ने कहा कि पुलिस सेवा समाज सेवा का एक सशक्त माध्यम है। सिद्धांतों पर अडिग रहना ही सफलता का आधार है। उन्होंने अपनी पुस्तक ‘संघर्ष’ के विमोचन के अवसर पर कहा कि यह पुस्तक आत्मकथा नहीं है, बल्कि उनके सेवाकाल के कुछ अविस्मरणीय अनुभवों और उनसे मिली सीख को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास है।

प्रकाश सिंह ने बताया कि उनके पुलिस सेवाकाल की शुरुआत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हुई। उन्होंने नगालैंड में विद्रोह की चुनौती के बीच करीब चार साल काम किया। इसके बाद असम में उग्रवाद के दौर में पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी संभाली। उत्तर प्रदेश में भी उस समय संगठित अपराध और माफिया बड़ी चुनौती थे।

उन्होंने पंजाब में आतंकवाद के दौर का भी जिक्र किया। बीएसएफ में रहते हुए पाकिस्तान से सीमा पार आने वाले आतंकवादियों और हथियारों की आवाजाही रोकने के लिए सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति पर काम किया गया। बेहतर तकनीक के इस्तेमाल से बॉर्डर फेंसिंग तैयार की गई, जिससे सीमा पार से आतंकियों की आवाजाही पर प्रभाव पड़ा।

प्रकाश सिंह ने कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अपने अनुभवों और खुद पर हुए जानलेवा हमलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन कठिन परिस्थितियों में देवी दुर्गा की कृपा और ईश्वर की रक्षा को याद करते हुए अपनी पुस्तक ‘संघर्ष’ को देवी दुर्गा को समर्पित किया है।

उन्होंने कहा कि कोई पीड़ित व्यक्ति जब अपनी समस्या लेकर पुलिस के पास आता है तो उसकी मदद करना पुलिस अधिकारी के लिए समाज सेवा का अवसर होता है। चाहे किसी की बेटी का अपहरण हुआ हो, संपत्ति पर कब्जा हुआ हो या उसके साथ कोई अन्य अपराध हुआ हो, उसकी समस्या दूर करना और संवेदनशीलता के साथ उसकी मदद करना पुलिस सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रकाश सिंह ने कहा कि पीड़ित की समस्या दूर होने के बाद मिलने वाला आशीर्वाद किसी ईश्वर के आशीर्वाद से कम नहीं होता। इसी भावना ने उन्हें कठिन परिस्थितियों के बावजूद 35 साल तक पुलिस सेवा में बने रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि ‘संघर्ष’ में सेवाकाल के अनुभवों, चुनौतियों, सिद्धांतों और आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण सीख को शामिल किया गया है।

पुलिस और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी जरूरी

स्वामी श्री धर्मबंधु जी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के साथ आध्यात्मिकता भी जरूरी है। नागरिकों में नैतिकता, अनुशासन, करुणा, न्याय, शांति और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों का विकास होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति जगाने में भारतीय संस्कृति और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रकाश सिंह को कर्तव्यनिष्ठा, राष्ट्रीयता और ईमानदारी का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

स्वामी धर्मबंधु ने कहा कि हर पुलिसकर्मी वर्दी में एक नागरिक है और हर नागरिक बिना वर्दी का पुलिसकर्मी है। पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर सामंजस्य तथा पारस्परिक जिम्मेदारी की भावना से मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।

सड़क सुरक्षा के लिए 87 इंटरसेप्टर वाहन रवाना

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि समारोह में पुलिस सेवा के तीन महत्वपूर्ण पक्षों को एक साथ सम्मान और मजबूती दी जा रही है। इनमें पुलिसकर्मियों के शौर्य और उत्कृष्ट सेवा का सम्मान, सड़क सुरक्षा के लिए आधुनिक संसाधनों का विस्तार और पुलिस सेवा के अनुभवों को आगे बढ़ाना शामिल है।

उन्होंने बताया कि समारोह में 16 राष्ट्रपति वीरता पदक और 10 मुख्यमंत्री वीरता पदक प्रदान किए जा रहे हैं। निरीक्षक स्वर्गीय सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में 87 आधुनिक इंटरसेप्टर वाहन प्रदेश के सर्वाधिक दुर्घटना बहुल जिलों के लिए रवाना किए गए हैं। प्रदेश के सभी 75 जिलों में जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना लागू है। इसके तहत इंफोर्समेंट, इंजीनियरिंग, एजुकेशन और अवेयरनेस, इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट और इमरजेंसी रिस्पांस के जरिए सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि को कम करने पर काम किया जा रहा है।

जनवरी से अगस्त 2026 के बीच पिछले साल की समान अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 7.89 प्रतिशत, मौतों में 9.08 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 8.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। डीजीपी के अनुसार, इससे 1,100 से अधिक लोगों की जान बचाई गई।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘यूपी गति’ एप के जरिए 20 शहरों के 109 सिटी रूट्स पर 24×7 लाइव और रियल टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग की जा रही है। अप्रैल 2026 से छह महीने में कंजेशन प्वाइंट्स में चार प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

आधुनिक उपकरणों से लैस हैं इंटरसेप्टर वाहन

मुख्यमंत्री ने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन चार पहिया और दो पहिया वाहनों में 360 डिग्री व्यू कैमरा, लेजर स्पीड गन, ब्रीथ एनालाइजर, पीए सिस्टम, मोबाइल फोन डिटेक्शन, एवीएन और टिंट मीटर जैसे आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।

इनकी मदद से शराब पीकर वाहन चलाने, निर्धारित सीमा से अधिक गति और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी। वाहनों में यातायात उल्लंघनों की लाइव रिकॉर्डिंग और वायरलेस संचार की सुविधा भी है।

इन इंटरसेप्टर वाहनों को हाईवे, प्रमुख शहरों के मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात किया जाएगा। इससे यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।