उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव हारने के बाद विपक्षी दल EVM को जिम्मेदार ठहराने लगते हैं।
पदयात्रा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के विरोध पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में पहले भी समय-समय पर मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण होता रहा है। उनके मुताबिक, जब चुनाव आयोग मतदाता सूची से बांग्लादेशी घुसपैठियों, पाकिस्तानियों और मृत व्यक्तियों के नाम हटाने के लिए SIR कर रहा है, तो INDIA गठबंधन इसका विरोध कर रहा है।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत INDIA गठबंधन के दलों का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद मजबूत करने वाली संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप
उत्तर प्रदेश के मंत्री एके शर्मा ने पदयात्रा को आम जनता की आवाज बताया। उन्होंने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ केवल एक पदयात्रा नहीं, बल्कि देश के आम नागरिकों की भावना है। उन्होंने अराजकता फैलाने वाली ताकतों को हराने की बात कही।
वहीं, उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने और युवाओं को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर अराजकता फैलाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बाद विपक्ष EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठाता है।
गोरखपुर में संगठनात्मक बैठकों में शामिल होंगे नितिन नबीन
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 4 और 5 नवंबर को गोरखपुर के संगठनात्मक दौरे पर हैं। इस दौरान वह वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें करेंगे। उनका दौरा आगामी चुनावों की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पदयात्रा के बाद नितिन नबीन तारामंडल स्थित एनेक्सी भवन पहुंचेंगे, जहां वह समाज के प्रबुद्ध वर्ग के लोगों से संवाद करेंगे।