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लखनऊ पुलिस ने लाइनमैन का 6000 का चालान काटा, थाने-चौकी की बत्ती कटी, बिजली विभाग ने मांगा बकाया

राजधानी के नगराम इलाके में सोमवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी. एक तरफ पुलिस ने हेलमेट न पहनने पर बिजली विभाग के संविदा लाइनमैन का 6,000 का चालान काट दिया, तो दूसरी तरफ कुछ ही देर बाद उसी लाइनमैन ने नगराम थाने, हरदोइया पुलिस चौकी और देवीखेड़ा पुलिस बूथ की बिजली काट दी. वजह थी करीब 6.5 लाख का कई वर्षों से लंबित बिजली बिल. देखते ही देखते मामला कार्रवाई के बदले कार्रवाई में बदल गया और दोनों विभाग आमने-सामने आ गए.

बिजली विभाग में संविदा लाइनमैन के तौर पर तैनात अमरेंद्र सोमवार को नगराम निगोहा मार्ग पर हाईटेंशन लाइन की पेट्रोलिंग कर रहे थे. इसी दौरान समेसी पुल के पास नगराम पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी. आरोप है कि वहां तैनात सब इंस्पेक्टर अनूप भाटी ने हेलमेट न पहनने पर अमरेंद्र का ₹6,000 का चालान काट दिया. अमरेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह बिजली लाइन की निगरानी और पेट्रोलिंग पर थे, जहां काम की प्रकृति के कारण कई बार लगातार हेलमेट पहनकर काम करना संभव नहीं हो पाता. इसके बावजूद उनकी एक नहीं सुनी गई और चालान काट दिया गया.

अमरेंद्र का कहना है कि वह बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी हैं और बेहद कम मानदेय पर काम करते हैं. उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी ड्यूटी और परिस्थितियों को समझने की कोशिश नहीं की. चालान की खबर फैलते ही बिजली विभाग के कर्मचारियों में भी नाराजगी देखने को मिली. इसके बाद बिजली विभाग ने अपने रिकॉर्ड की जांच की तो सामने आया कि नगराम थाने पर करीब ₹3.25 लाख, हरदोइया पुलिस चौकी पर लगभग ₹1.5 लाख और देवीखेड़ा पुलिस बूथ पर करीब ₹1.5 लाख का बिजली बिल पिछले लगभग तीन वर्षों से बकाया है. कुल मिलाकर करीब ₹6.5 लाख का भुगतान लंबित था.

विभाग ने बकाया वसूली की कार्रवाई करते हुए तीनों स्थानों की बिजली आपूर्ति काट दी. थाने और पुलिस चौकियों की बिजली कटते ही हड़कंप मच गया. काफी देर तक पुलिसकर्मियों को बिना बिजली के काम करना पड़ा. इलाके में भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया कि पहले पुलिस ने चालान काटा और फिर बिजली विभाग ने बकाया बिल का हवाला देकर थाने की बिजली ही काट दी.

इस पूरे घटनाक्रम पर नगराम थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित सब इंस्पेक्टर अनूप भाटी को फटकार लगाई गई है. उन्होंने कहा कि लाइनमैन का चालान वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि विवाद का समाधान हो सके. वहीं समेसी उपखंड के अवर अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि नगराम थाना और संबंधित पुलिस चौकियों पर बिजली बिल का बकाया होना सही है. उन्होंने कहा कि विभाग ने नियमानुसार बकाया वसूली की कार्रवाई की है और उसी के तहत बिजली कनेक्शन काटा गया,

लाइनमैन अमरेंद्र का कहना है कि उन्होंने किसी व्यक्तिगत नाराजगी में नहीं, बल्कि विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की है. उनका कहना है कि जब आम उपभोक्ताओं का बकाया होने पर बिजली काटी जाती है तो सरकारी विभागों पर भी वही नियम लागू होने चाहिए. जब तक बकाया बिल जमा नहीं होगा, तब तक बिजली जोड़ने का सवाल नहीं उठता. एक मामूली ट्रैफिक चालान से शुरू हुआ यह विवाद कुछ ही घंटों में पूरे इलाके की सबसे चर्चित घटना बन गया। हेलमेट का चालान और उसके बाद थाने की बिजली गुल होने की यह घटना अब पुलिस और बिजली विभाग, दोनों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है.