नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (सीआरईएसटी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर रहते हुए निकाय के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते से धन का कथित गबन करने के मामले में भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के वरिष्ठ अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बताया कि श्रीवास्तव को चंडीगढ़ में सीबीआई मामलों के विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया और जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इस मामले की चल रही जांच के दौरान श्रीवास्तव की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि जब वे कामकाज संभाल रहे थे, तब चंडीगढ़ के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सीआरईएसटी के तीन बैंक खातों में जमा रकम को धोखाधड़ी से अलग-अलग मुखौटा कंपनियों में अंतरण किया गया और लाभार्थियों ने उस राशि का निजी इस्तेमाल किया, जिससे सीआरईएसटी, चंडीगढ़ को लगभग 75 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।’’
प्रवक्ता ने बताया कि सीबीआई जांच में खुलासा हुआ कि अपराध से मिली रकम का एक हिस्सा एक निजी कंपनी के खाते में भेजा गया था, जिसमें श्रीवास्तव की पत्नी और एक करीबी रिश्तेदार निदेशक हैं।
उन्होंने बताया, ‘‘सीआरईएसटी के तत्कालीन परियोजना निदेशक सुखविंदर सिंह अब्रोल और लेखाकार साहिल कुक्कड़ को इस मामले में पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है और उनके ख़िलाफ़ आरोप पत्र दायर किया जा चुका है। दोनों आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं।’’
सीबीआई ने हाल ही में इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ पहला आरोप पत्र दाखिल किया। इनमें निजी कंपनी के पांच अधिकारी, सीआरईएसटी (चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन) के दो सरकारी कर्मचारी, दो मुखौटा शेल कंपनियां (और उनके तीन साझेदार व निदेशक) और एक निजी व्यक्ति शामिल हैं।
भाषा धीरज माधव
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