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भाजपा ने बेंगलुरु के समीप जीबीआईटी के वास्ते 500 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का विरोध किया

(तस्वीरों के साथ)

बेंगलुरु, 17 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने बेंगलुरु दक्षिण जिले में बिदादी के पास प्रस्तावित जीबीआईटी के लिए लगभग 500 एकड़ जमीन अधिग्रहण से संबंधित राज्य सरकार की अंतिम अधिसूचना का कड़ा विरोध करते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार नीत सरकार पर किसानों और गरीबों के कल्याण के बजाय रियल एस्टेट को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।

विजयेंद्र ने किसानों की जमीन को अधिग्रहित करने की प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की।

विजयेंद्र और विधानमंड₨ल के दोनों सदनों के नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक (विधानसभा) और चलावदी नारायणस्वामी (विधान परिषद) सहित भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिदादी के आस-पास के गांवों का दौरा किया, ताकि वे टाउनशिप परियोजना का विरोध कर रहे किसानों से मिल सकें।

विजयेंद्र ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता किसान नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने पद संभालने के 24 घंटे के भीतर ही यह दिखा दिया कि इस सरकार की प्राथमिकता रियल एस्टेट है।’’

उन्होंने प्रभावित होने वाले इलाकों का दौरा करने से पहले संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भाजपा बिदादी में टाउनशिप के नाम पर किसानों की ज़मीन ‘जबरन और गैर-कानूनी’ तरीके से हासिल करने के सरकार के कदम की कड़ी निंदा और विरोध करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता मुश्किल में फंसे किसानों की मदद करना होनी चाहिए, लेकिन यह दुखद है कि मुख्यमंत्री के लिए बेंगलुरु का रियल एस्टेट प्राथमिकता है। भाजपा की ओर से, मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि वे अपनी जिद छोड़ें, किसानों की समस्याओं को सुनें और उन्हें बेदखल न करें। मेरी मांग है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए।’’

सूत्रों ने बताया कि ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप (जीबीआईटी) के लिए रामनगर और हारोहल्ली तालुका के तीन गांवों में 499 एकड़ ज़मीन के अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह शिवकुमार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है और इसे भारत की ‘पहली कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एकीकृत टाउनशिप’ के तौर पर पेश किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना में इलाके के नौ गांवों की 7,481 एकड़ जमीन शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल की अधिसूचना आने वाले दिनों में ज़मीन अधिग्रहण के लिए जारी होने वाली अधिसूचनाओं की श्रृंखला में पहली हो सकती है।

खबरों के मुताबिक वृहद बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (जीबीडीए) ने प्रस्तावित जीबीआईटी के लिए मास्टर प्लान और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने तथा परियोजना प्रबंधन सेवा देने के लिए परामर्शदाता नियुक्त करने की खाातिर 26 करोड़ रुपये की निविदा जारी की है।

भाजपा नेताओं के दौरे से पहले, बिदादी के पास कई स्थानों पर भाजपा और जनता दल सेक्युलर (जद-एस) की आलोचना करने वाले पोस्टर पाए गए।

विजयेंद्र ने पोस्टर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा नेता कांग्रेस के विधायक नहीं हैं जो ऐसी धमकियों से डर जाएं। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के किसानों का साथ देना हमारा कर्तव्य है। उनकी आवाज बनना हमारी जिम्मेदारी है और हम ऐसा कर रहे हैं।’’

दौरे के दौरान, भाजपा नेताओं ने बिदादी टाउनशिप परियोजना का विरोध कर रहे किसानों और डेयरी उत्पादकों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं।

अशोक ने कहा कि भविष्य में जब भाजपा-जद (एस)की सरकार आएगी, तो परियोजना रद्द कर दी जाएगी।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘हम इस परियोजना को अभी लागू नहीं होने देंगे। जब मैं दूध उत्पादकों के केंद्र पर गया, तो मुझे जानकारी मिली कि वहां रोज़ाना छह लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिससे सालाना 25 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। क्या शिवकुमार किसानों को हर साल 25 करोड़ रुपये देंगे?’’

उन्होंने रेखांकित किया कि इस इलाके में रेशम से जुड़े कारोबार से 35 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। अशोक ने कहा, ‘‘रेशम के कीड़ों के लिए ज़रूरी पत्ते विदेश से नहीं मंगाए जा सकते। सरकार को यह बताना चाहिए कि रेशम उद्योग की पारिस्थितिकी खत्म होने के बाद क्या होगा।’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘यहां लाखों गायें हैं, क्या उन्हें बूचड़खाने भेज दिया जाएगा? चारा कहां से आएगा? सरकार आसानी से कह देती है कि वह दो करोड़ रुपये देगी। लेकिन किसान उस पैसे का क्या करेंगे? वे उस रकम से उतनी ही ज़मीन नहीं खरीद सकते।’’

पर्यावरण के संबंध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणियों का जिक्र करते हुए, अशोक ने कहा कि कर्नाटक में उनकी ही पार्टी की सरकार बिदादी में कृषि भूमि को नष्ट कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी को आकर यह देखना चाहिए।’’

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश