देहरादून, 17 जून (भाषा) कूड़े के ढेर और गंदे नाले में तब्दील हो गयी देहरादून की रिस्पना नदी में व्यापक सफाई और पुनरुद्धार अभियान चलाया जा रहा है ताकि मानसून में जल निकासी व्यवस्था सुचारू रहने के साथ ही नदी संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिल सके। यह जानकारी अधिकारियों ने दी ।
देहरादून के जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने बुधवार को शहर के महापौर सौरभ थपलियाल और मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय के साथ रिस्पना नदी में चल रहे सफाई एवं पुनरुद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की ।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून से पूर्व रिस्पना नदी की व्यापक सफाई सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है ताकि वर्षाकाल में जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे तथा नदी संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिल सके ।
देहरादून नगर निगम द्वारा गत मार्च से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र से अब तक लगभग 17 हजार मीट्रिक टन कूड़े का उठान किया जा चुका है ।
रिस्पना नदी के लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक सफाई की जा रही है जबकि बिंदाल नदी के आठ किलोमीटर के क्षेत्र सहित शहर के विभिन्न नदी-नालों एवं जल धाराओं में भी सफाई कार्य जारी है ।
जिला प्रशासन एवं देहरादून नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा युद्धस्तर पर रिस्पना नदी की सफाई एवं पुनरुद्धार का अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत 12 जेसीबी मशीनें एवं 15 डम्पर ट्रक लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से नदी क्षेत्र से कूड़ा, मलबा एवं अवरोधों को हटाया जा रहा है ।
चौहान ने यह भी बताया कि नमामि गंगे एवं जिला स्वच्छता समिति के माध्यम से नदी संरक्षण एवं स्वच्छता के लिए एक व्यापक दीर्घकालिक एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जा रही है ।
उन्होंने कहा कि इसके तहत ऐसे स्थानों का चिह्नीकरण किया जा रहा है जहां कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नदी में गिरने वाले नाले के अनुपचारित जल के उपचार की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध ढंग से कार्य किया जाएगा और जिला प्रशासन, नगर निगम एवं संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों तथा दृढ़ इच्छाशक्ति से नदी के संरक्षण एवं पुनरुद्धार का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा।
भाषा दीप्ति संतोष
संतोष