(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विभिन्न बिल्डर और वित्तीय संस्थानों के बीच साठगांठ के सिलसिले में 22 नये मामले दर्ज करने के बाद मंगलवार को आठ राज्यों में 77 स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी दिल्ली, चेन्नई, पुडुचेरी, बेंगलुरु और अन्य स्थानों पर की गई।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘ये मामले कुछ बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के बीच कथित साठगांठ से संबंधित हैं, जिसके कारण निर्दोष घर खरीददारों के साथ धोखाधड़ी की गई।’’
बयान में कहा गया है कि विभिन्न राज्यों में चलाए गए ये समन्वित तलाशी अभियान राष्ट्रव्यापी कार्रवाई का हिस्सा हैं।
बयान के अनुसार इस अभियान के परिणामस्वरूप अभियोजनयोग्य दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की गई है, जिनकी जांच की जा रही है।
बयान में कहा गया है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य आवास रियल एस्टेट क्षेत्र में कथित तौर पर धन के गबन, वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़े बड़े षड्यंत्र को उजागर करने के लिए महत्वपूर्ण सबूत जुटाना है।
उच्चतम न्यायालय ने यह मामला सीबीआई को सौंपा था। उसने 29 अप्रैल 2025 को ब्यूरो को सुपरटेक लिमिटेड समेत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विभिन्न बिल्डर के खिलाफ सात प्राथमिकी जांच दर्ज करने का निर्देश दिया था।
साल के आखिर में उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को एनसीआर में उन 22 मामलों को दर्ज करने का निर्देश दिया, जिनमें अनुदान योजना का उपयोग करके घर खरीदने वालों से धोखाधड़ी की गई थी।
उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल 23 सितंबर को सीबीआई को मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, मोहाली और प्रयागराज में रियल एस्टेट परियोजनाओं में घर खरीदाने वालों से धोखाधड़ी करने को लेकर बैंक और डेवलपर्स के बीच ‘नापाक साठगांठड़’ के संबंध में छह और नियमित मामले दर्ज करने की अनुमति दी थी।
बयान के अनुसार 22 नए मामले दर्ज होने के साथ ही, ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी की कुल संख्या अब बढ़कर 50 हो गई है।
बयान में कहा गया है,‘‘केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के आधार पर विभिन्न बिल्डरों के खिलाफ 22 नए मामले दर्ज किए हैं।’’
भाषा राजकुमार माधव
माधव