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ब्रिटेन में स्थायी निवास के लिए प्रवासियों को 20 साल करना पड़ सकता है इंतजार

( मैतिल्दे रोजिना, ब्रूनेल यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के ‘ग्लोबल चैलेंजेस’ विभाग में सहायक प्राध्यापक )

लंदन, 13 अप्रैल (द कन्वरसेशन) ब्रिटेन सरकार प्रवासियों के लिए स्थायी निवास की राह बेहद कठिन बनाने की योजना बना रही है। प्रस्ताव लागू होने पर ब्रिटेन अन्य उच्च-आय लोकतांत्रिक देशों की तुलना में अधिक सख्त हो सकता है।

ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद अधिकांश प्रवासियों के लिए स्थायी निवास (इंडेफिनिट लीव टू रिमेन) की पात्रता अवधि को पांच साल से बढ़ाकर 10 साल करने और कुछ मामलों में इसे 20 साल तक ले जाने की योजना बना रही हैं।

प्रस्तावों के तहत पात्रता मानदंड भी कड़े किए जाएंगे। प्रवासियों के लिए साफ-सुथरा रिकॉर्ड, अंग्रेजी भाषा का उच्च स्तर और कम से कम तीन वर्षों तक 12,570 पाउंड वार्षिक आय आवश्यक होगी।

इन बदलावों का असर उन लोगों पर अधिक पड़ने की आशंका है जो पूर्णकालिक रोजगार में नहीं हैं, जैसे कार्य वीजा धारकों के आश्रित, पारिवारिक वीजा पर रहने वाले और शरणार्थी।

नयी व्यवस्था के तहत 10 साल की आधार अवधि व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार घटाई या बढ़ाई जा सकेगी। उच्च-कुशल पेशेवर—जैसे एनएचएस के डॉक्टर और नर्स—या 1,25,140 पाउंड से अधिक आय वाले लोग पांच या तीन साल में पात्र हो सकते हैं।

ब्रिटिश नागरिक से विवाह करने वाले या सामुदायिक गतिविधियों के जरिए “एकीकरण” दिखाने वाले लोग पांच से सात साल में स्थायी निवास पा सकते हैं। वहीं, सरकारी लाभ लेने वालों को 20 साल तक इंतजार करना पड़ सकता है, जबकि अवैध रूप से प्रवेश करने या वीजा अवधि से अधिक ठहरने वालों के लिए यह अवधि 30 साल तक हो सकती है।

कम-कुशल श्रमिकों के लिए यह अवधि 15 साल से शुरू होगी, जबकि शरणार्थियों के लिए 20 साल तय की गई है। यदि वे काम या पढ़ाई करते हैं तो उनका दर्जा ‘प्रोटेक्शन वर्क एंड स्टडी वीजा’ में बदला जा सकता है, जिसकी हर 30 महीने में समीक्षा होगी।

सरकार ने कहा है कि स्थायी निवास पाने वालों की संख्या में वृद्धि इन सुधारों का एक कारण है। जून 2025 तक के वर्ष में यह संख्या बढ़कर 1,63,000 हो गई, और आने वाले वर्षों में इसके और बढ़ने का अनुमान है।

इन प्रस्तावों को अनियमित प्रवासन को रोकने के उपाय के रूप में भी पेश किया गया है। सरकार ने डेनमार्क के मॉडल का हवाला देते हुए कहा है कि लंबी प्रतीक्षा अवधि बिना दस्तावेज प्रवेश को हतोत्साहित करेगी। हालांकि, शोध बताते हैं कि ऐसे निरोधात्मक उपाय प्रवासन कम करने में सीमित प्रभावी होते हैं।

गृह मंत्रालय का कहना है कि इन बदलावों के लिए विधायी मंजूरी आवश्यक नहीं है, हालांकि विरोधियों ने इस पर प्रतीकात्मक मतदान की मांग की है।

अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य

ये प्रस्ताव ब्रिटेन को अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अलग स्थिति में ला सकते हैं। यूरोपीय संघ में दीर्घकालिक निवास के लिए सामान्यतः कम से कम पांच साल का वैध निवास आवश्यक होता है।

इटली और जर्मनी जैसे देशों की राष्ट्रीय व्यवस्थाएं भी इसी तरह के मानकों का पालन करती हैं। वहीं आयरलैंड और डेनमार्क ने अलग व्यवस्थाएं अपनाई हैं, जहां अवधि क्रमशः पांच और आठ साल है।

अमेरिका में ‘ग्रीन कार्ड’ स्थायी निवास देता है, जबकि कनाडा में शरणार्थियों को तुरंत स्थायी निवास मिल सकता है।

प्रस्तावित बदलावों के तहत 10 साल की अवधि ब्रिटेन को यूरोप और उत्तरी अमेरिका के अधिकांश लोकतंत्रों से अधिक सख्त बना देगी, जबकि शरणार्थियों के लिए 20 साल की अवधि इसे वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व बना सकती है।

यह व्यवस्था कतर और जापान जैसे देशों के कड़े मानकों के करीब होगी, जहां स्थायी निवास के लिए लंबी अवधि की शर्तें हैं।

शोध बताते हैं कि अस्थायी दर्जे को लंबा करने से प्रवासियों के जुड़ाव पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। डेनमार्क पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि स्थायी निवास कठिन होने से शरणार्थियों के रोजगार की संभावना घट गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रिटेन के प्रस्तावित बदलाव भी इसी तरह का प्रभाव पैदा कर सकते हैं, जिससे प्रवासी लंबे समय तक अनिश्चितता की स्थिति में फंसे रह सकते हैं।

द कन्वरसेशन मनीषा प्रशांत

प्रशांत