पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर का समृद्ध इतिहास रहा है। यहां पर कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट, मेथोडिस्ट और चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया यानी सीएनआई के 32 चर्च हैं। इन चर्च में कैंटोनमेंट एरिया में बना सेंट जॉन चर्च भी शामिल है। इसे 1819 और 1821 के बीच बनाया गया था। ये उत्तर भारत के सबसे पुराने चर्चों में से एक है, जो ब्रिटिश राज की याद दिलाता है।
ईसाई समुदाय के बीच ये चर्च काफी मशहूर है। यहां तीन हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। ईस्टर, क्रिसमस और नए साल पर यहां खास प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाता है। मेरठ और आसपास के इलाकों से हजारों लोग हर साल प्रार्थना करने और क्रिसमस मनाने के लिए चर्च में इकट्ठा होते हैं।