WB Polls: प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सत्ता में आने पर मतुआ, नामशूद्र और अन्य शरणार्थी समुदायों को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत नागरिकता प्रदान करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का शनिवार को वादा किया जबकि “घुसपैठियों” को “अपना बोरिया-बिस्तर समेटने” की चेतावनी दी। पूर्व बर्धमान जिले के कटवा में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने दक्षिण बंगाल में केंद्रित राजनीतिक रूप से प्रभावशाली शरणार्थी समुदाय मतुआ और नामशूद्र को आश्वस्त किया कि उनका भविष्य सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से नहीं, बल्कि संविधान और सीएए से सुरक्षित है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार न केवल ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ काम करेगी बल्कि उसमें ‘सबका हिसाब’ भी जोड़ेगी, यानी हर “लुटेरे और अत्याचारी” को पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं मतुआ, नामशूद्र और पश्चिम बंगाल के सभी शरणार्थी परिवारों को गारंटी देने आया हूं। आप यहां किसी तृणमूल नेता की दया से नहीं हैं, बल्कि संविधान के संरक्षण में हैं।’’ उन्होंने कहा, “सीएए कानून इसलिए लाया गया ताकि मतुआ, नामशूद्र और सभी शरणार्थी परिवारों को नागरिकता की संवैधानिक गारंटी मिल सके। जैसे ही यहां बीजेपी सरकार बनेगी, सीएए के तहत नागरिकता देने का काम तेज किया जाएगा।”
यह टिप्पणी एक दिन पहले जारी बीजेपी के घोषणापत्र के बाद आई है, जिसमें “सभी हिंदू शरणार्थियों के लिए नागरिकता और पुनर्वास” का वादा किया गया है। यह संदेश सीधे मतुआ और नामशूद्र मतदाताओं को लक्षित करता है, जिनमें से कई ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने की शिकायत की है।
प्रधानमंत्री ने नागरिकता के मुद्दे के साथ कथित अवैध आप्रवासन पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा, “बीजेपी सरकार पश्चिम बंगाल को एक और बड़ी समस्या से मुक्त करेगी। जो भी भारत में घुसपैठ कर आए हैं, उन्हें बाहर निकाला जाएगा।”
उन्होंने कहा, “मैं हर घुसपैठिए से कहूंगा कि वह अपना सामान समेट ले, अब जाने का समय आ गया है।” जिस पर सभा में जोरदार प्रतिक्रिया देखने को मिली। मोदी ने चेतावनी दी कि न केवल घुसपैठियों, बल्कि उनके “मददगारों” के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बीजेपी के घोषणापत्र की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें पार्टी की छह गारंटी लागू करने की रूपरेखा है। उन्होंने कहा, “बीजेपी ने पश्चिम बंगाल को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया है। मोदी की गारंटी है कि तृणमूल के ‘निर्मम शासन’ के डर को भरोसे में बदला जाएगा और इस बदलाव की पूरी रूपरेखा घोषणापत्र में है।’’
मोदी ने रैली में जुटी भीड़ की तरफ इशारा करते हुए दावा किया कि पश्चिम बंगाल राजनीतिक बदलाव के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “यह दृश्य चार मई के नतीजों की झलकभर है…, यह डर पर भरोसे की जीत का ऐलान है।” महिला मतदाताओं से बीजेपी के समर्थन में एकजुट होने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जहां-जहां महिलाओं की मजबूत भागीदारी के साथ अधिक मतदान हुआ है, वहां भाजपा-राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को भारी जनादेश मिला है और बंगाल में भी पार्टी जीत की ओर बढ़ रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तृणमूल के 15 साल के शासन ने हर नागरिक और हर परिवार को डर के सिवा कुछ नहीं दिया। यह चुनाव उस डर को खत्म करने का है।’’ कल्याणकारी मुद्दों पर जोर देते हुए मोदी ने महिलाओं, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों के लिए बीजेपी की “तीन गारंटी” का जिक्र किया। महिलाओं के लिए 3,000 रुपये मासिक भत्ते का वादा किया गया है। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल की बहनें और बेटियां कहीं भी, कभी भी आ-जा सकेंगी। बीजेपी सरकार का मतलब महिलाओं की सुरक्षा की पूरी गारंटी है।’’
प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी तृणमूल को घेरते हुए कहा कि बीजेपी सरकार बनने पर मंत्रियों, विधायकों और कथित ‘सिंडिकेट’ से जुड़े भ्रष्टाचार पर एक “श्वेत पत्र” लाया जाएगा। उन्होंने कहा, “बीजेपी कोई योजना बंद नहीं करेगी, बल्कि भ्रष्टाचार की दुकान बंद करेगी और तृणमूल की लूट रोकेगी।” मोदी ने आलू किसानों के मुद्दे पर भी तृणमूल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद का वादा पूरा नहीं किया गया और किसानों की फसल खराब हो रही है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बनने पर पश्चिम बंगाल के किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत सालाना 9,000 रुपये मिलेंगे-6,000 रुपये केंद्र से और अतिरिक्त 3,000 रुपये राज्य सरकार से। मोदी ने कहा कि बीजेपी के सत्ता में आने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी।