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इस्लामाबाद में वार्ता से पहले ईरान ने आखिरी वक्त में अमेरिकी के सामने रखीं कुछ शर्तें

Islamabad: इस्लामाबाद में होने वाली महत्वपूर्ण अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले, तेहरान कुछ शर्तों को पूरा करने पर जोर दे रहा है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने बीते शुक्रवार को वार्ता शुरू होने से पहले दो अहम कदम उठाने की मांग की।

जिसमें उन्होंने लेबनान में युद्धविराम और ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को वापस करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि इन दोनों पर पहले सहमति बनी थी, लेकिन इन्हें कभी लागू नहीं किया गया, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उप-राष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि अगर ईरान सद्भावना से बातचीत करता है, तो वाशिंगटन खुले हाथों से जवाब देगा।

लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान कड़ा रुख अपनाता है तो वाशिंगटन उसकी बात नहीं सुनेगा। वार्ता में ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और नाजुक युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले में दखल देते हुए ईरान पर जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करने का आरोप लगाया है और इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में “अल्पकालिक ब्लैकमेल” करार दिया है। पूरी दुनिया बेसब्री से इस पर नजर रखे हुए है और उम्मीद कर रही है कि बातचीत से ठोस परिणाम निकलेंगे। जिससे पश्चिम एशिया में अस्थायी समझौता स्थायी शांति में तब्दील हो जाएगा।