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आंतरिक चुनौतियों के बावजूद, 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए IOA प्रतिबद्ध

इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की अध्यक्ष पी. टी. उषा ने बुधवार को कहा कि कार्यकारी परिषद के सदस्यों के साथ विवाद और चुनौतियों के बावजूद 2036 ओलंपिक की मेजबानी का उनका कमिटमेंट पक्का है। उषा का आईओए के सीईओ के रूप में रघुराम अय्यर की नियुक्ति के मामले परिषद के 12 सदस्यों के साथ विवाद चल रहा है।

उषा ने जारी किए गए एक वीडियो में कहा, ‘‘आईओए के भीतर कुछ आंतरिक चुनौतियों के बावजूद, 2036 समर खेलों की मेजबानी के लिए कमिटमेंट पक्का है। आईओए आईओसी के साथ संपर्क में है और उम्मीद है कि भारत को अच्छे मेजबान के रूप में देखा जाएगा।’’

इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने इस बारे में इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी की मेजबानी समिति को लेटर ऑफ इंटेंट (मंशा पत्र) भेजा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले साल सबसे पहले 2036 ओलंपिक की मेजबानी की अपनी सरकार की इच्छा के बारे में बात की थी।

उषा ने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल आईओसी सत्र के दौरान 2036 में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक की मेजबानी के लिए भारत के नजरिए को सामने रखा था। तब से हमने आईओसी अध्यक्ष थॉमस बाक और भविष्य के मेजबान आयोग के अधिकारियों के साथ लगातार कम्युनिकेशन बनाए रखा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम पेरिस ओलंपिक के दौरान आईओसी के साथ बातचीत में भी लगे हुए थे। हमारे अधिकारियों ने पेरिस ओलंपिक के दौरान आईओसी आयोजित कार्यकारी कार्यक्रम और ऑब्जर्वर कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस बातचीत और सीख को अपनाते हुए भारत ने इस साल अक्टूबर की शुरुआत में 2036 खेलों की मेजबानी के लिए लेटर ऑफ इंटेंट पेश किया।”