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उत्तराखंड के बहुचर्चित LUCC चिटफंड घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

उत्तराखंड के चर्चित LUCC चिटफंड घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने 1 जून को मुंबई से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर निवेशकों से जुटाई गई रकम के संग्रह, प्रबंधन, हेराफेरी और गबन में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। CBI के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन, गवाहों के बयान और विभिन्न राज्यों में की गई विस्तृत जांच के बाद की गई। दोनों आरोपी इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख लोगों में शामिल बताए जा रहे हैं।

यह मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट के 17 सितंबर 2025 के आदेश के बाद CBI को सौंपा गया था। इसके तहत CBI ने 26 नवंबर 2025 को उत्तराखंड पुलिस द्वारा दर्ज 18 एफआईआर की जांच अपने हाथ में ली थी। मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC), भारतीय न्याय संहिता (BNS), उत्तराखंड जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम (UPID Act) और अनियमित जमा योजनाएं प्रतिबंध अधिनियम (BUDS Act) के तहत केस दर्ज किया गया है।

जांच में सामने आया है कि LUCC ने विभिन्न अनियमित जमा योजनाओं के जरिए लोगों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेश कराया। इस घोटाले से एक लाख से अधिक निवेशक प्रभावित हुए हैं। CBI के अनुसार, निवेशकों द्वारा जमा की गई कुल राशि करीब 800 करोड़ रुपये आंकी गई है। आरोप है कि इस धनराशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग और गबन किया गया।

इससे पहले CBI ने 12 और 13 मई को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें LUCC के तीन वरिष्ठ सहकारी प्रमोटर भी शामिल थे, जो उत्तराखंड में जनता से जमा राशि एकत्र कर रहे थे और विभिन्न शाखाओं का संचालन कर रहे थे। फिलहाल ये सभी आरोपी देहरादून की सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

CBI जांच में आरोपियों द्वारा अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई कई अचल संपत्तियों का भी पता चला है। एजेंसी ने इन संपत्तियों का विवरण उत्तराखंड सरकार के वित्त सचिव को भेजा है और उन्हें फ्रीज करने का अनुरोध किया है, ताकि भविष्य में BUDS Act के तहत पीड़ित निवेशकों को राहत दी जा सके। CBI का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और पूरे षड्यंत्र का खुलासा करने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।