दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को राजधानी की कृषि मंडियों के पुनर्विकास और विभिन्न मंडियों में चल रही व प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में गाजीपुर, नरेला और आईएफसी गाजीपुर समेत अन्य मंडियों से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया। इस दौरान मंडियों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली गई।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की कृषि मंडियां किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करती हैं। ऐसे में समय की जरूरत के अनुसार इनका विकास करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस, सुव्यवस्थित और बेहतर बुनियादी ढांचे वाली मंडियां न केवल व्यापारिक गतिविधियों को आसान बनाएंगी, बल्कि पूरी कृषि विपणन व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी और सक्षम बनाने में मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर रही है, ताकि काम तय समय-सीमा के भीतर पूरा हो सके।
गाजीपुर में 193 करोड़ की लागत से बन रहा आधुनिक पोल्ट्री मार्केट
बैठक में गाजीपुर में करीब 15 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे आधुनिक पोल्ट्री मार्केट की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना की कुल लागत करीब 193.29 करोड़ रुपये है। इसका निर्माण कार्य मार्च 2019 में शुरू हुआ था और इसे 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में परियोजना का करीब 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। आधुनिक पोल्ट्री मार्केट में 100 थोक व्यापारियों के लिए दुकानें और 120 प्रोसेसिंग यूनिट्स विकसित की जा रही हैं।
गाजीपुर मंडी में जलभराव की समस्या दूर करने का काम जारी
गाजीपुर फल, सब्जी और फूल मंडी में चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मंडी में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए 200 मीटर लंबी बाईपास ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाने का काम जारी है। इस परियोजना की स्वीकृत लागत 17 लाख रुपये है। इसके अलावा मंडी में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभाग की ओर से नियमित रूप से आवारा पशुओं को हटाने का अभियान भी चलाया जा रहा है।
नरेला अनाज मंडी में बनेंगे दो नए स्टील शेड
बैठक में नरेला अनाज मंडी में व्यापारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दो अतिरिक्त स्टील शेड विकसित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 11 करोड़ रुपये है। इसके जुलाई 2027 तक पूरा होने की संभावना है।
आईएफसी गाजीपुर में विकसित होगी आधुनिक फूल मंडी
मुख्यमंत्री ने आईएफसी (इंटीग्रेटेड फ्रेट कॉम्प्लेक्स) गाजीपुर में प्रस्तावित आधुनिक फूल मंडी परियोजना की भी समीक्षा की। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2001 में डीडीए से करीब 10 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी। इसी भूमि पर आईएफसी गाजीपुर परिसर में चरणबद्ध तरीके से आधुनिक फूल मंडी विकसित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी की कृषि मंडियों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का लगातार विस्तार करना और सभी विकास परियोजनाओं को तय योजना के अनुसार गति देना है। उन्होंने कहा कि मंडियों का व्यवस्थित और आधुनिक विकास किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं—सभी के हित में है। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।