अमरावती, 19 अक्टूबर (भाषा) आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के राज्य महासचिव एल अप्पी रेड्डी ने सोमवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त से मौजूदा स्थानीय निकाय चुनावों में नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्टी के उम्मीदवारों को निशाना बनाकर की जा रही कथित हिंसा के मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की।
रेड्डी ने राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) को लिखे पत्र में कहा, ‘‘नामांकन बंद होने के बाद भी वाईएसआरसीपी के उम्मीदवारों को निशाना बनाकर लगातार हिंसा की जा रही है। हमले, अपहरण, नामांकन वापस लेने की धमकियां, नामांकन पत्रों को नष्ट करना और जांच के दौरान बाधा डालने जैसी घटनाओं ने चुनाव प्रक्रिया को डराने-धमकाने की कवायद में बदल दिया है।’’
उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने और ‘‘इसके लिए जिम्मेदार तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेताओं तथा उनका समर्थन करने वाले अधिकारियों’’ के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
कुप्पम में रेड्डी ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार विजय कुमार का डीके पल्ली स्थित उनके आवास से यात्रा करते समय अपहरण कर लिया गया। उन्होंने कहा कि विजय कुमार की पत्नी पावनी ने उनकी जान को लेकर चिंता जताई है।
विपक्षी नेता के अनुसार, वार्ड संख्या 11 और 20 के उम्मीदवारों जयशंकर और जयंथ पर कथित तौर पर हमला किया गया। सिर में चोट लगने और खून बहने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि तेदेपा समर्थकों ने विधान परिषद सदस्य भरत के पैलेस रोड स्थित आवास पर हमला किया, नामांकन पत्र फाड़ दिए और जांच के दौरान प्रस्तावकों को धमकाया।
अप्पी रेड्डी ने दावा किया कि प्रोद्दाटूर में आधी रात के करीब तेदेपा समर्थकों ने अध्यक्ष पद के उम्मीदवार पी. नरसिम्हा रेड्डी के आवास पर हमला किया।
अप्पी रेड्डी ने दावा किया कि पुलिस ने अध्यक्ष और वार्ड पदों के उम्मीदवारों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए केंद्र में प्रवेश करने से रोक दिया, जबकि सत्तारूढ़ दल के समर्थकों को अंदर जाने दिया गया।
वाईएसआरसीपी नेता ने जोर देकर कहा कि कथित तौर पर मिलीभगत करने वाले अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को स्वतंत्र जांच तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक चुनाव संबंधी ड्यूटी से हटाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘जिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्र नष्ट कर दिए गए, उन्हें अपने दस्तावेज जमा करने का प्रमाण देने और उन पर विचार करवाने का अवसर मिलना चाहिए। जिन चुनावी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी हुई है, उन्हें स्वतंत्र निगरानी और प्रभावी सुरक्षा के बीच दोबारा कराया जाना चाहिए। किसी भी उम्मीदवार को डराने-धमकाने या दबाव डालकर नाम वापस लेने के जरिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित नहीं किया जाना चाहिए।’’
इस बीच, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार जहां विकास के लिए काम कर रही है, वहीं वाईएसआरसीपी अब भी विनाशकारी एजेंडे पर चल रही है।
तेदेपा प्रमुख ने सोमवार को उंडावल्ली स्थित अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘वाईएसआरसीपी ने अतीत में भी हिंसा का सहारा लिया और मौजूदा चुनावों में भी ऐसा कर रही है। सरकार वाईएसआरसीपी नेताओं की कथित ज्यादतियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी। गठबंधन राजनीतिक स्तर पर भी इस पार्टी का मुकाबला करेगा और उसकी करतूतों को उजागर करेगा।’’
भाषा गोला रंजन
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