देहरादून, 19 अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य द्वारा अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की साजिश रचने समेत कई गंभीर आरोपों में दर्ज कराए गए मुकदमे की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सोमवार को उनके (आर्य) बयान दर्ज किए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मंत्री के बयान दर्ज करने के साथ ही उनसे संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी विधिवत प्राप्त की है। इसे परीक्षण और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
पिछले सप्ताह आर्य द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद मामले की जांच के लिए देहरादून की पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी।
प्रदेश की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री आर्य ने 15 अक्टूबर को साहू के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इनमें मारपीट, जानबूझकर अपमान करने, आपराधिक धमकी देने, पहली शादी छिपाकर दोबारा शादी करने, विवाहित महिला के साथ क्रूरता, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करने और आपराधिक साजिश रचने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
मुकदमा दर्ज कराने के बाद मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने वीडियो के साथ एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी साझा की थी, जिसमें साहू कथित तौर पर एक महिला के साथ मिलकर उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे थे।
हालांकि, 16 अक्टूबर को साहू ने एक वीडियो जारी कर आर्य के आरोपों को गलत बताया था। उन्होंने दावा किया था कि मंत्री द्वारा साझा किया गया ऑडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किया गया है।
साहू ने मंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि उन्होंने 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जुटाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मामले की किसी एजेंसी से जांच कराने की भी मांग की थी।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच आर्य ने साहू द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि वह एक खुली किताब हैं और किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।
भाषा
दीप्ति रवि कांत