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किताबों के स्टॉल में तोड़फोड़ किसी भी तरह सही नहीं है, इससे मेरा सिर शर्म से झुक जाता है: दासगुप्ता

कोलकाता, 19 अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने सोमवार को कहा कि किताबों के स्टॉल में तोड़फोड़ किए जाने से संबंधित वामपंथी दलों के आरोप किसी भी तरह सही नहीं हैं और विचारों व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को किसी भी हालत में नहीं रोका जा सकता।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दासगुप्ता ने कहा कि विचारों की स्वतंत्रता पर किसी भी तरह की रोक नहीं लगाई जा सकती।

उन्होंने कहा कि कभी राज्य की प्रमुख राजनीतिक ताकत रहा वाम मोर्चा अब अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है और उसे भी किताबों के स्टॉल लगाने का पूरा अधिकार है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), एसयूसीआई और अन्य वामपंथी दलों ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर उनके पुस्तक स्टॉल में तोड़फोड़ की गई।

उन्होंने कहा कि इन जगहों में कूचबिहार जिले के दिनहाटा से लेकर दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर तक के इलाके शामिल हैं।

उन्होंने स्थानीय भाषा के एक टीवी चैनल से कहा, “मैं पिछले 30 से 40 वर्ष से दुर्गा पूजा के दौरान वामपंथी दलों के स्टॉल देखता आ रहा हूं। वहां ज्यादा भीड़ नहीं जुटती, लेकिन वे अपने स्टॉल लगाते हैं।”

उन्होंने कहा, “चाहे लेनिन, मार्क्स या किसी और की किताब हो, जो लोग अपने विचार रखना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने की अनुमति मिलनी चाहिए। यह टीवी चैनलों की तरह है। 30 चैनल हो सकते हैं, लेकिन रिमोट आपके हाथ में होता है। आपको किताब पढ़नी है या नहीं, यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है।”

दासगुप्ता ने कहा कि तोड़फोड़ की कथित घटनाओं से राज्य की छवि खराब हुई है।

मंत्री ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि इन हमलों के पीछे कौन था या उनका किस राजनीतिक दल से संबंध था।

उन्होंने सवाल किया, “इससे मेरा सिर शर्म से झुक जाता है। वे कौन हैं? उन्हें यह जिम्मेदारी किसने दी? उनका अधिकार क्या है?”

भाषा जोहेब रंजन

रंजन