कोच्चि, 19 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर उनसे 2.5 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को केरलम के कोच्चि से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान वारापुझा के मन्नमथुरुथु निवासी आनंद बाबू के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश को पुलवामा मामले से जुड़े हवाला लेन-देन में शामिल होने का डर दिखाया था और उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दी थी।
राजस्थान पुलिस की एक टीम कोच्चि पहुंची और एर्णाकुलम सेंट्रल के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सिबी टॉम से मदद मांगी। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर आरोपी को वारापुझा से गिरफ्तार कर लिया।
राजस्थान पुलिस ने केरलम पुलिस को सूचित किया है कि इस मामले में राज्य के कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता होने का भी संदेह है।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को आगे की जांच के लिए राजस्थान ले जाया गया है।
‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर ठगी का एक तरीका है, जिसमें जालसाज खुद को पुलिस या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को आपराधिक मामलों में फंसाने का डर दिखाते हैं और गिरफ्तारी की धमकी देते हैं। वे पीड़ितों को कई घंटों या दिनों तक वीडियो कॉल पर बनाए रखते हैं और बैंक खातों के सत्यापन के बहाने उनसे अपने खातों में रुपये अंतरित करवा लेते हैं।
भाषा खारी सुरेश
सुरेश