नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने सोमवार को आगाह किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के डीपफेक वीडियो का इस्तेमाल कर जालसाज फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भ्रामक राजनीतिक विज्ञापनों के जरिए लोगों को ठग रहे हैं।
इन विज्ञापनों में फर्जी सरकारी योजनाओं और प्रस्तावों का प्रचार किया जा रहा है।
आई4सी ने कहा कि राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई (एनसीटीएयू) ने ऐसे विज्ञापनों के माध्यम से की जा रही वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि देखी है। इन विज्ञापनों में जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता देने का वादा करने वाली कथित सरकारी योजनाओं का प्रचार करने के लिए सार्वजनिक और राजनीतिक हस्तियों की छवि का दुरुपयोग किया जाता है।
चेतावनी में कहा गया है, ‘‘इन विज्ञापनों में भारत के प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित जाने-माने सार्वजनिक एवं राजनीतिक व्यक्तियों का रूप धारण करके फर्जी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार किया जाता है और आर्थिक सहायता देने का वादा किया जाता है।’’
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले आई4सी ने कहा कि मेटा के सोशल मीडिया मंचों पर मुख्य रूप से दिखाई देने वाले इन विज्ञापनों में छेड़छाड़ किए गए वीडियो और डीपफेक वीडियो का इस्तेमाल किया जाता है।
इन नकली वीडियो में सार्वजनिक हस्तियों को कथित तौर पर जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा करते और उनका प्रचार करते हुए दिखाया जाता है।
एजेंसी ने कहा, ‘‘फोन नंबरों के साथ जारी किए जाने वाले इन विज्ञापनों में कथित कल्याणकारी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता देने या ‘स्क्रैच कार्ड’ अथवा ‘स्पिन-एंड-विन’ ऑफर के जरिए नकद राशि और इनाम देने का दावा किया जाता है।’’
परामर्श में कहा गया है कि इन विज्ञापनों के झांसे में आने वाले लोगों को कथित लाभ प्राप्त करने के लिए दिए गए फोन नंबरों पर संपर्क करने, व्हाट्सऐप चैट करने या फर्जी वेबसाइटों पर जाने के लिए कहा जाता है।
इसके बाद उनसे कर, प्रसंस्करण शुल्क, पंजीकरण शुल्क, सत्यापन शुल्क या अन्य प्रशासनिक खर्चों के नाम पर बार-बार भुगतान करने का दबाव बनाया जाता है।
एजेंसी ने कहा कि इस तरह की धोखाधड़ी के कारण लोगों को कई बार भुगतान करना पड़ता है, जिससे उन्हें कुल मिलाकर बड़ी रकम का नुकसान होता है।
आई4सी ने लोगों को आगाह किया है कि वे अज्ञात व्यक्तियों के साथ आधार और पैन संबंधी जानकारी, बैंक खाते का विवरण, वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) या यूपीआई पिन साझा न करें।
भाषा संतोष रंजन
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