Breaking News

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के एक संदिग्ध को कोटा से हिरासत में लिया गया     |   हैदराबाद के पास सड़क हादसा, खड़ी लॉरी से टकराई RTC बस, 15 घायल     |   कनाडाई सैन्य अड्डे पर घास में लगी आग, 4 लोगों की मौत     |   तेल अवीव-वियना फ्लाइट को मिली बम से उड़ाने की धमकी, बुल्गारिया में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग     |   भारत छोड़ने के नोटिस को इमरान खान ने दी चुनौती, बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई आज     |  

मेघालय: सत्तारूढ़ एनपीपी में विलय की कोशिश कर रहे यूडीपी के तीन विधायक पार्टी से निकाले गए

शिलांग, 19 अक्टूबर (भाषा) मेघालय में राजनीतिक समीकरणों में नये बदलाव के तहत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) ने सोमवार को अपने तीन विधायकों को पार्टी से निकाल दिया। इन विधायकों ने सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) में विलय की मांग की थी।

यह घटनाक्रम उस वक्त सामने आया, जब तीनों विधायकों ने सोमवार को ही विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए संगमा से मुलाकात कर एनपीपी में विलय की मांग की।

संगमा ने कहा कि वह उनके आवेदन की जांच कर रहे हैं और इस पर फैसला सुनाने से पहले कानूनी राय लेंगे।

यूडीपी अध्यक्ष मेतबाह लिंगदोह ने वेस्ट शिलांग के विधायक पॉल लिंगदोह, मावकिरवाट के विधायक रेनिक्टन लिंगदोह टोंगखर और मूकाइआव के विधायक नुजोर्की सुंगोह की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी।

पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘आज स्थानीय समाचारों से यह स्पष्ट है कि आप सभी नेशनल पीपुल्स पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। इसलिए, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष के रूप में मुझे प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मैं आप तीनों को आज, 19 अक्टूबर 2026 से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करता हूं।’’

इससे पहले, संगमा ने दलबदल विरोधी कानून के तहत विलय के लिए आवश्यक संख्या पूरी होने के सवाल पर कहा कि प्रस्तावित कदम में पार्टी के दो-तिहाई से अधिक विधायक शामिल हैं, लेकिन इस मामले की और जांच करना जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘आंकड़ों के लिहाज से यह संख्या दो-तिहाई से अधिक है, लेकिन मामला इतना सरल नहीं है। मुझे कानूनी राय लेनी होगी और उचित समय पर अपना फैसला सुनाना होगा।’’

संगमा ने बताया कि सोमवार को उनके सामने केवल पॉल लिंगदोह और रेनिक्टन लिंगदोह टोंगखर पेश हुए थे, जबकि सुंगोह चिकित्सा उपचार के लिए बाहर गए हुए थे।

उन्होंने कहा कि उन्हें यह सत्यापित करना होगा कि प्रत्येक विधायक ने स्वेच्छा से विलय के लिए सहमति दी है। उन्होंने कहा कि यूडीपी के आठ विधायकों के पिछले मामले में भी इसी तरह सहमति की पुष्टि की गई थी।

सुंगोह की सहमति डिजिटल माध्यम से सत्यापित किए जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह इस बारे में कानूनी सलाह लेंगे कि उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक है या नहीं।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ संभावनाएं हैं। आजकल वकील उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय में भी डिजिटल माध्यम से पेश हो सकते हैं। मुझे कानूनी राय लेनी होगी कि क्या मैं विलय के लिए उनकी सहमति डिजिटल रूप से सत्यापित कर सकता हूं या इसके लिए उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी होगी।’’

विलय का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब विधानसभा अध्यक्ष ने यूडीपी के आठ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को मान्यता दे दी है। इससे 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में इस क्षेत्रीय पार्टी की ताकत काफी कम हो गई है।

यूडीपी के पास पहले 12 विधायक थे, लेकिन अब उसके केवल एक विधायक तक सिमट जाने की आशंका है। ये विधायक पार्टी अध्यक्ष मेतबाह लिंगदोह हैं, जो राज्य मंत्रिमंडल में बिजली विभाग का जिम्मा संभाल रहे हैं।

राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा में एनपीपी के अभी 33 विधायक हैं। यदि यूडीपी के तीन विधायकों के विलय को मान्यता मिल जाती है, तो एनपीपी की संख्या बढ़कर 36 हो जाएगी।

विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विलय को मान्यता दिए जाने के बाद भाजपा के पास 10 विधायक हैं, जबकि यूडीपी के पास केवल एक विधायक रह जाएगा।

भाषा गोला सुभाष

सुभाष