कोच्चि, 19 अक्टूबर (भाषा) केरलम के एर्णाकुलम बाजार में एक यहूदी प्रार्थना स्थल (सिनेगॉग) के पास आगजनी की घटना में आतंकवादी संबंध की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को पता चला है कि आरोपी ने इंटरनेट पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बारे में कई बार खोजबीन की थी और टेलीग्राम पर उससे संबंधित संदेशों का आदान-प्रदान किया था। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने पुथेनक्रूज निवासी एबिन पॉल (32) को 12 अक्टूबर की तड़के कोच्चि सेंट्रल थाना क्षेत्र के एर्णाकुलम बाजार में ‘कडावुभागम सिनेगॉग’ के सामने स्थित ‘ब्लॉसम नर्सरी’ में आगजनी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
पांच दिन की पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद पॉल को सोमवार को एर्णाकुलम की मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, पॉल से जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में पता चला कि उसने इंटरनेट पर कई बार लॉरेंस बिश्नोई के बारे में जानकारी खोजी थी।
सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘ऐसा लगता है कि वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों से प्रभावित था। वह विभिन्न गैंगस्टरों के नाम पर बने टेलीग्राम समूहों से जुड़ा था। उसकी कई बातचीत में बिश्नोई का जिक्र भी मिला है।’’
हालांकि, जांचकर्ताओं को अब तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे पॉल का लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से सीधा संबंध साबित हो सके।
सूत्रों ने कहा, ‘‘अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि पॉल किसी आपराधिक गिरोह के लिए काम करता था। जिन टेलीग्राम समूहों से वह जुड़ा था, उनकी गतिविधियां भी उसे यहां सक्रिय किसी आपराधिक गिरोह से नहीं जोड़ती हैं।’’
इस बीच, विशेष जांच दल की जांच में यह भी सामने आया है कि पॉल ने इस साल जनवरी में मुवत्तुपुझा के मेक्कापड में स्थित एक इमारत में आग लगाने की पहली कोशिश की थी। इसके बाद मार्च में उसने उसी इमारत को फिर निशाना बनाया था।
पुलिस के अनुसार, इस इमारत में एक कार्यालय भी था और आग लगने से उसे आंशिक नुकसान पहुंचा था।
विशेष जांच दल को संदेह है कि इन घटनाओं के वीडियो टेलीग्राम के जरिये पॉल के कथित आकाओं को भेजे गए थे।
पुलिस ने बताया कि कोच्चि में यहूदी प्रार्थना स्थल के पास आगजनी करने से पहले पॉल ने कथित तौर पर मुवत्तुपुझा में पुरानी कारों के एक शोरूम में भी आग लगाई थी।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) समेत केंद्रीय एजेंसियां पहले ही पुलिस से इस मामले की जानकारी ले चुकी हैं।
भाषा खारी नरेश गोला
गोला