देहरादून, 19 अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड वैश्विक निवेशक सम्मेलन-2023 को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही ‘भ्रामक जानकारी’ के संबंध में राज्य सरकार की ओर से स्पष्टीकरण जारी किए जाने के एक दिन बाद पुलिस ने इस सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की है।
देहरादून के पुलिस अधीक्षक (नगर) शेखर चंद्र सुयाल ने सोमवार को कहा, ‘‘कुछ दिन पहले उद्योग विभाग के एक अधिकारी ने लिखित शिकायत दी थी कि गलत धारणा बनाने के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही है। उचित जांच के बाद राजपुर थाने में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।’’
अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकी शनिवार को दर्ज की गई थी।
प्रदेश के उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने रविवार को स्पष्ट किया था कि राज्य में निवेश से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और प्रत्येक परियोजना का विवरण संबंधित सरकारी वेबसाइट पर देखा जा सकता है।
उन्होंने कहा था कि तथ्यों की पूरी जानकारी के बिना निवेश को लेकर ‘भ्रामक धारणा’ बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार निवेश प्रस्तावों को लगातार धरातल पर उतारने के लिए काम कर रही है और अब तक 1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो चुका है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को उत्तराखंड की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि निवेश केवल कागजों पर है, नौकरियां केवल नारों में हैं और राज्य के युवाओं को प्रश्नपत्र लीक होने के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है।
उन्होंने मीडिया में आई एक खबर साझा की थी, जिसमें दावा किया गया था कि वैश्विक निवेशक सम्मेलन के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू), उर्वरक की दुकानों और आटा मिलों को उत्तराखंड के ‘निवेशकों’ में गिना गया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा था, ‘‘उत्तराखंड में निवेश के नाम पर (मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी) धामी सरकार का एक दिखावा-भाजपा के ‘डबल इंजन’ मॉडल का एक और उदाहरण।’’
भाषा
दीप्ति रवि कांत