नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) रेलवे के विभिन्न जोन सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के जरिए यात्रियों को जागरुक करेंगे और उनसे ट्रेनों तथा रेलवे परिसर में मोबाइल फोन पर तेज आवाज में संगीत या वीडियो चलाने से बचने की अपील करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना या जेल भी हो सकती है।
दक्षिण रेलवे ने छह अक्टूबर को जारी एक परिपत्र में अपने मंडलों से यात्रियों को जागरुक करने को कहा है कि रेलवे परिसर या ट्रेनों में मोबाइल फोन के स्पीकर पर संगीत या वीडियो चलाने अथवा तेज आवाज में बातचीत करने पर कार्रवाई हो सकती है। इसमें एक हजार रुपये तक का जुर्माना और/या छह महीने तक की कैद शामिल है।
उत्तर रेलवे और पश्चिम रेलवे ने भी ट्रेनों में मोबाइल फोन के व्यापक दुरुपयोग को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है।
उत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘दक्षिण रेलवे जोन का यह सही कदम है। अब समय आ गया है कि यात्रियों से अनुशासन बनाए रखने और संगीत सुनते या वीडियो देखते समय हेडफोन का इस्तेमाल करने को कहा जाए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यात्रियों को बताया जाना चाहिए कि अन्य यात्रियों को असुविधा पहुंचाने वाले तरीके से मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वालों पर जुर्माना लगाने या उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कानून में जरूरी संशोधन किए गए हैं।’’
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे की शिकायत निवारण एवं सहायता प्रणाली ‘रेल मदद’ के जरिये कई यात्रियों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं। इन शिकायतों में कहा गया कि वातानुकूलित डिब्बों में कुछ यात्री मोबाइल फोन के स्पीकर पर तेज आवाज में संगीत बजाते हैं, जिससे दूसरों को परेशानी और असुविधा होती है।
दक्षिण रेलवे के परिपत्र में कहा गया है, ‘‘इसके अलावा, हाल के वर्षों में मोबाइल इंटरनेट की व्यापक उपलब्धता के कारण सार्वजनिक स्थानों पर स्पीकर के जरिए वीडियो और अन्य सामग्री चलाने का चलन काफी बढ़ गया है। मौजूदा स्थिति में ऐसी व्यवस्था करना जरूरी है, जिससे यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा न हो।’’
पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रेलवे कानूनों में हाल में किए गए संशोधनों के बाद मोबाइल फोन के कारण होने वाली ऐसी परेशानी से अब सख्ती से निपटा जा सकता है और इसमें कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
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