जयपुर, 19 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सिंचाई के पानी की मांग को लेकर बिरधवाल हेड पहुंचे किसानों ने हिरासत में लिए गए आंदोलनकारियों की रिहाई पर सहमति बनने के बाद सोमवार सुबह अपना पड़ाव समाप्त कर दिया और घड़साना लौट गए। हालांकि, किसानों ने आंदोलन जारी रखने और घड़साना में दोबारा धरना देकर आगे की रणनीति तय करने की घोषणा की।
अधिकारियों ने बताया कि किसानों के हटने के बाद प्रशासन ने सूरतगढ़-छतरगढ़ मार्ग से बैरिकेड और ट्रकों को हटाया। मार्ग को सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे यातायात के लिए खोल दिया गया, जिससे सड़क के दोनों ओर फंसे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।
इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) की अनूपगढ़ शाखा में सिंचाई का पानी देने की मांग को लेकर रावला, घड़साना, अनूपगढ़ और खाजूवाला क्षेत्र के चार से पांच हजार किसान रविवार रात बिरधवाल हेड के पास जमा रहे। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से वहां पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें नहर के गेट तक पहुंचने से रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे।
अधिकारियों के मुताबिक, किसानों की शनिवार को जयपुर में प्रशासन के साथ हुई वार्ता विफल रहने के बाद उन्होंने रविवार को बिरधवाल हेड की ओर कूच किया था।
उन्होंने बताया कि किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने गोपालसर चौराहे से पहले 330 आरडी के पास सड़क पर बैरिकेड लगाए थे और ट्रक खड़े कर रास्ता बंद कर दिया था।
अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में ले लिया।
अधिकारियों ने बताया कि आंदोलनकारियों की रिहाई की मांग को लेकर किसानों ने बिरधवाल हेड के पास सड़क पर पड़ाव डाल दिया और रातभर वहीं डटे रहे।
मौके पर श्रीगंगानगर जिले के विभिन्न थानों की पुलिस, संभागीय पुलिस बल और राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी (आरएसी) के जवान तैनात रहे। श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरिशंकर यादव भी रातभर मौके पर मौजूद रहे।
किसानों ने कहा कि हिरासत में लिए गए साथियों की रिहाई पर सहमति बनने के बाद उन्होंने पड़ाव समाप्त किया है, लेकिन सिंचाई के लिए पानी की मांग पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि घड़साना में फिर से धरना देकर आंदोलन की आगामी दिशा तय की जाएगी।
भाषा
बाकोलिया पारुल
पारुल