बेंगलुरु, 19 अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि वह राज्य में सूखे के मद्देनजर राहत की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री को लिखा गया उनका पत्र सकारात्मक नतीजे देगा।
शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने पर सहमति जताई है।
उन्होंने कहा, ‘‘हां, हम सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मिलेंगे और उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे। विपक्षी नेताओं ने भी हमारे साथ आने की बात कही है। देखते हैं, हम ज्ञापन को अंतिम रूप देंगे।’’
शिवकुमार ने कहा कि सूखे की स्थिति केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई हिस्से इससे प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सूखे की स्थिति केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में है। अगर प्रधानमंत्री दशहरा समाप्त होने और कर्नाटक राज्योत्सव के बीच हमें समय देते हैं, तो मैं उनसे मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करूंगा। अगर ऐसा नहीं होता है, तो मैं इसके बाद भी इस मामले को उठाता रहूंगा।’’
उत्तर कर्नाटक में गन्ना किसान अपनी उपज की अधिक कीमत की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इस बारे में शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है और उन्हें सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। मुझे विश्वास है कि इससे कुछ फायदा होगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने गन्ना किसानों के हितों की रक्षा के प्रयास किए हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
शिवकुमार ने कहा कि वह किसानों के मुद्दों पर राजनीति नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आलोचना से किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में किये जा रहे सरकार के प्रयास प्रभावित नहीं होंगे।
शिवकुमार ने कहा कि सरकार मैसूरु में दशहरा के दौरान रोशनी की सजावट की अवधि 10 दिन बढ़ाने की योजना बना रही है और इसकी घोषणा जल्द किए जाने की उम्मीद है।
भाषा संतोष अविनाश
अविनाश