कोल्हापुर (महाराष्ट्र), 19 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि यदि कौस्तुभ गावडे विधान परिषद चुनाव जीतते हैं, तो वह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के इतिहास में सबसे कम उम्र के सदस्य बनेंगे।
पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक, पुणे शिक्षक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी। संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में रहने वाले पंजीकृत स्नातक और शिक्षक इन चुनावों में मतदान करने के पात्र हैं।
फडणवीस ने बताया कि पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से महायुति के उम्मीदवार गावडे चुनाव में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से महज दो दिन पहले ही चुनाव लड़ने के पात्र बने थे। मुख्यमंत्री ने यहां कहा कि यदि नामांकन प्रक्रिया 10 से 12 दिन पहले शुरू हो गई होती, तो संभव है कि गावडे चुनाव मैदान में नहीं उतर पाते।
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से गावडे और पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से महायुति की उम्मीदवार स्मिता जाधव के लिए प्रचार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये चुनाव सरकार बनाने या उसे अस्थिर करने के बारे में नहीं हैं। इनका उद्देश्य ऐसे प्रतिनिधियों को चुनना है, जो शिक्षकों और स्नातकों की चिंताओं को प्रभावी ढंग से उठा सकें।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि हमारे दोनों उम्मीदवार निर्वाचित होते हैं, तो कोल्हापुर दो रिकॉर्ड बनाएगा। स्मिता ताई स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पहली महिला विधान पार्षद बनेंगी, जबकि कौस्तुभ गावडे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के इतिहास में सबसे कम उम्र के विधान पार्षद बनेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की व्यवस्था समाज के कुछ विशिष्ट वर्गों की चिंताओं को विधायिका तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
फडणवीस ने कृषि, सिंचाई और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की पहलों का भी उल्लेख किया। इनमें किसानों को मुफ्त बिजली देना, 48,000 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल माफ करना और 10,000 शिक्षकों की भर्ती करना शामिल है। उन्होंने कहा कि 30,000 पदों पर भर्ती की एक और प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र का शिक्षा बजट 90,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने इस खर्च को व्यय के बजाय मानव संसाधन में निवेश बताया।
गावडे ने कहा कि वह शिक्षकों की समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाएंगे और उनकी सेवा शर्तों तथा रोजमर्रा के कामकाज से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की दिशा में प्रयास करेंगे।
भाषा गोला रंजन
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