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ओडिशा: पटनायक ने कोटिया के विवादित गांवों में आंध्र प्रदेश की चुनाव अधिसूचना को लेकर उठाए सवाल

भुवनेश्वर, 19 अक्टूबर (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने सोमवार को सवाल किया कि क्या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) पर भाजपा की ‘निर्भरता’ के कारण ओडिशा सरकार आंध्र प्रदेश की ओर से कोरापुट जिले के कोटिया के तीन गांवों में पंचायत चुनाव कराने के लिए अधिसूचना जारी किए जाने पर चुप है।

कोटिया के 28 गांवों में से 21 पर ओडिशा और आंध्र प्रदेश, दोनों अपना अधिकार जताते हैं।

यह विवाद कई दशक पुराना है और मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है।

ओडिशा की ओर से जनवरी 2022 में दायर एक नया मुकदमा अब भी विचाराधीन है।

विपक्ष ने राज्य सरकार पर ‘दोहरा रवैया’ अपनाने और ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता तथा गौरव से समझौता करने का आरोप लगाया।

पटनायक के बयान पर राज्य सरकार में मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि भाजपा सरकार तेदेपा शासित आंध्र प्रदेश की ओर से किसी भी ‘उकसावे वाली कोशिश’ को नाकाम करने के लिए तैयार है।

ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर कोटिया ग्राम पंचायत के फागुनासिनेरी, गंजीपदर और फाटुसिनेरी गांवों में पंचायत चुनाव कराने की घोषणा संबंधी आंध्र प्रदेश की अधिसूचना पर चिंता जताई।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “कोटिया ओडिशा का हिस्सा है, भाजपा के इस आश्वासन का क्या हुआ? इस मामले को और भी चिंताजनक बनाने वाली बात यह है कि आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), केंद्र की भाजपा नीत राजग सरकार की एक महत्वपूर्ण सहयोगी है।”

उन्होंने सवाल किया कि क्या “राजनीतिक निर्भरता ओडिशा की भाजपा सरकार की चुप्पी और राज्य के हितों तथा क्षेत्रीय अखंडता से समझौता करने की उसकी तत्परता का कारण है?”

पटनायक ने यह भी पूछा, “वर्ष 2025 में गठित 16 सदस्यीय उच्चस्तरीय कोटिया समिति ने क्या सिफारिशें की थीं? उन्हें लागू करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं?”

पटनायक ने पत्र में कहा, “उन वादों का क्या हुआ? ओडिशा में तथाकथित ‘डबल इंजन’ सरकार होने के बावजूद आंध्र प्रदेश ने कोटिया में चुनाव कराने की घोषणा कर दी है, जो बेहद चिंताजनक है।”

उन्होंने सवाल उठाया, “क्या डबल इंजन सरकार ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी रहेगी या एक बार फिर केंद्र के दबाव के आगे झुक जाएगी?”

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ओडिशा की जनता स्पष्ट जवाब और जवाबदेही की हकदार है।

इस बीच, ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने रविवार को कहा था कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्य की ओर से की जाने वाली किसी भी “उकसावे वाली कोशिश को नाकाम करने” के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा था, “कोटिया ग्राम पंचायत ओडिशा का अभिन्न हिस्सा है और यहां के लोग राज्य के साथ हैं।”

मंत्री ने बताया कि दक्षिणी संभाग के राजस्व मंडलीय आयुक्त को स्थिति का जायजा लेने और सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि कोरापुट के जिलाधिकारी भी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और दोनों अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोटिया आंध्र प्रदेश की चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा न बने।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश