तिरुवनंतपुरम, 19 अक्टूबर (भाषा) केरलम के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने सोमवार को कहा कि जब कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के खिलाफ बार-बार आरोप लगा रहा है, तो इसका मतलब है कि ‘‘पर्दे के पीछे कोई है’’।
मुरलीधरन यूडीएफ संयोजक अदूर प्रकाश द्वारा किए गए दावे के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
प्रकाश दावा करते रहे हैं कि मुख्यमंत्री उनसे या गठबंधन सहयोगियों से सलाह लिए बिना, बड़े प्रशासनिक और नीतिगत फैसले एकतरफा तरीके से ले रहे हैं।
मुरलीधरन ने कहा, ‘‘अगर कोई बार-बार मुख्यमंत्री पर आरोप लगा रहा है, तो पर्दे के पीछे कोई है। मैं बस इतना ही कह सकता हूं।’’
उन्होंने यह भी कहा कि इन बातों पर पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व गौर करेगा और समय रहते इस पर कोई फैसला लेगा।
इस बीच, कांग्रेस की केरलम इकाई के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि पार्टी नेताओं को सार्वजनिक रूप से विवादास्पद बयान देने से बचना चाहिए।
वह कन्नूर में सतीशन के खिलाफ प्रकाश की टिप्पणियों के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
जोसेफ ने यह भी कहा कि वह इस तरह की विवादास्पद टिप्पणियों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हर तरह के विवादित बयानों से बचना चाहिए, और पार्टी नेताओं का यह कर्तव्य है कि वे ऐसा करें। पार्टी कार्यकर्ता, नेतृत्व और आम लोग ऐसे बयानों से खुश नहीं हैं। यह किसी भी संगठन के लिए शोभा नहीं देता।’’
जोसेफ ने कहा कि अगर पार्टी के नेता सार्वजनिक रूप से विवादास्पद बयान देना जारी रखते हैं, तो पार्टी आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला करेगी।
प्रकाश ने तब विवाद खड़ा कर दिया था जब उन्होंने तिरुवनंतपुरम में प्रेसवार्ता के दौरान सतीशन की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रशासन और नीति से जुड़े बड़े फैसले उनसे या गठबंधन सहयोगियों से सलाह लिए बिना, एकतरफा तरीके से लिए जा रहे हैं।
यूडीएफ संयोजक ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को औपचारिक लिखित शिकायत सौंपकर और पार्टी महासचिव दीपा दासमुंशी तथा राहुल गांधी से मिलकर इस मामले को और तूल दे दिया।
बाद में, सतीशन ने अपने बचाव में कहा कि सभी नीतिगत फैसले पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ परामर्श करके लिए जाते हैं, और रोजमर्रा के प्रशासनिक मामलों को कैबिनेट द्वारा देखा जाता है।
प्रकाश ने हाल ही में एक मीडिया प्रतिष्ठान को दिए गए साक्षात्कार में फिर से वही आरोप लगाया।
शबरिमला तीर्थयात्रा की तैयारियों के संबंध में, मुरलीधरन ने बताया कि पहाड़ी पर स्थित इस तीर्थस्थल के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जा रही है।
मुरलीधरन राज्य के देवस्वोम मंत्री भी हैं।
भाषा नेत्रपाल अविनाश
अविनाश