चंडीगढ़, 19 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य में मादक पदार्थों की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर सोमवार को निशाना साधा और नशा तस्करों के हमले में कथित तौर पर मारे गए एक व्यक्ति को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात की।
जाखड़ ने भगवंत मान सरकार से मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि अबोहर निवासी लवप्रीत का परिवार न्याय के लिए गुहार लगा रहा है जिसका शव 14 सितंबर को मिला था।
जाखड़ ने कहा कि पीड़ित परिवार का आरोप है कि कई शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद उन्हें लवप्रीत की मौत के मामले में न्याय नहीं मिला है।
भाजपा नेता ने पंजाब सरकार की नशा विरोधी नीति और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि अगले पांच से सात दिन में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो इस मामले को अदालत में ले जाया जाएगा।
लवप्रीत की बहन अमनदीप कौर ने आरोप लगाया कि मादक तस्करों ने 14 सितंबर को उनके भाई की हत्या कर दी और शव झाड़ियों में फेंक दिया।
उन्होंने बताया कि परिवार ने 19 सितंबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और पंजाब के पुलिस महानिदेशक को शिकायतें भेजी थीं, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
परिवार का आरोप है कि इलाके में खुलेआम मादक पदार्थ बेचे जा रहे हैं और इस अवैध कारोबार में शामिल लोग आम जनता को धमकियां भी दे रहे हैं।
परिवार ने यह दावा भी किया कि इलाके में नाबालिगों से मादक पदार्थ बिकवाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
जाखड़ ने कहा कि अमनदीप कौर ने अपने प्रयासों से मामले से संबंधित सीसीटीवी कैमरों के फुटेज जुटाए हैं। ये फुटेज एक पेन ड्राइव में पुलिस महानिदेशक को सौंपे गए हैं।
उन्होंने मांग की कि मामले से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और उनकी फॉरेंसिक जांच सहित पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि इससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट होने से बचाया जा सकेगा और लवप्रीत की मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सकेगी।
जाखड़ ने 28 अप्रैल 2025 को पंजाब के पुलिस महानिदेशक द्वारा मादक पदार्थों की बरामदगी से जुड़े मामलों में संबंधित थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय करने के संबंध में दिए गए बयान का उल्लेख किया।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर मादक पदार्थ की तस्करी रोकने के लिए जवाबदेही तय की गई थी, तो उसके नतीजे कहां हैं?’’
भाषा खारी प्रशांत
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