नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने बिना शोधन किए अपशिष्ट जल को नालों और यमुना नदी में जाने से रोकने के लिए पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सोमवार को पुरानी दिल्ली में तीन अवैध धोबी घाटों को सील कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, निरीक्षण के दौरान अपशिष्ट जल शोधन संयंत्रों में खामियां पाई गईं और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) से संचालन की अनुमति नहीं होने का पता चला। इसके अलावा, इन इकाइयों में ऐसे साबुन और कपड़े धोने के पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे।
निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने क्षेत्रीय अधिकारियों को अवैध इकाइयों को बंद करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि अधिकृत धोबी घाट प्रदूषण नियंत्रण संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन करें।
खिरवार ने कहा, ‘‘यमुना को प्रदूषण से बचाना हमारी मुख्य पर्यावरणीय प्राथमिकता है।’’
उन्होंने अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और पर्यावरण संबंधी नियमों के पालन की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों को कारण बताओ नोटिस और अनुपालन संबंधी नोटिस जारी किए हैं। साथ ही, उन्हें चेतावनी दी गई है कि नियमों का पालन नहीं करने पर इकाइयों को सील करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा, निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
भाषा खारी नरेश
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