शिमला, 19 अक्टूबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि चिट्टा न केवल किसी व्यक्ति का जीवन बर्बाद करता है बल्कि परिवार और समाज को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
उन्होंने कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित ‘एंटी-चिट्टा वॉकथॉन’ को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए यह बात कही।
यहां जारी एक बयान के अनुसार, सुक्खू ने कहा कि चिट्टा जैसे अत्यधिक नशे वाले मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने और इसके खिलाफ अभियान में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शाहपुर में ‘एंटी-चिट्टा वॉकथॉन’ का आयोजन किया गया।
उन्होंने लोगों से मादक पदार्थों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने और नशामुक्त हिमाचल प्रदेश के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।
इस वॉकथॉन में स्कूली विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों ने भाग लिया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
सुक्खू ने कहा कि चिट्टा न केवल व्यक्ति का जीवन बर्बाद करता है, बल्कि परिवार और समाज को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि इससे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ जाता है और उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सामाजिक कल्याण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें नशे से बचाना सरकार तथा प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को समझने और अपने मित्रों तथा समुदाय के लोगों के बीच इनके प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।
भाषा जितेंद्र अविनाश
अविनाश