Breaking News

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के एक संदिग्ध को कोटा से हिरासत में लिया गया     |   हैदराबाद के पास सड़क हादसा, खड़ी लॉरी से टकराई RTC बस, 15 घायल     |   कनाडाई सैन्य अड्डे पर घास में लगी आग, 4 लोगों की मौत     |   तेल अवीव-वियना फ्लाइट को मिली बम से उड़ाने की धमकी, बुल्गारिया में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग     |   भारत छोड़ने के नोटिस को इमरान खान ने दी चुनौती, बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई आज     |  

सरकार ने विभिन्न राज्यों की पशुधन की 15, कुत्ते की एक नस्ल को अधिसूचित किया

नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) केंद्र सरकार ने प्रजनन कार्यक्रम को बढ़ावा देने और इन स्वदेशी नस्लों पर देश का अधिकार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न राज्यों की पशुधन की 15 और कुत्ते की एक नस्ल को अधिसूचित किया है।

राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, अधिसूचित मवेशियों की नस्लों में कर्नाटक की 'कोप्पल', मध्य प्रदेश की 'महाकौशली', केरल की 'पेरियार' और महाराष्ट्र की 'उमरदा' शामिल हैं। अधिसूचित की गई भैंस की एकमात्र नस्ल गोवा की 'गोमांचली' है।

कृषि मंत्रालय ने राजस्थान और उत्तर प्रदेश की बकरी की नस्ल 'बत्तीसी' तथा राजस्थान की 'तोतापुरी' नस्ल को भी अधिसूचित किया है।

भेड़ की नस्लों में असम की 'असोमी', उत्तराखंड की 'कोव देबार', महाराष्ट्र और कर्नाटक की 'माडग्याल' तथा बिहार की 'सीमांचली' को अधिसूचित किया गया है।

16 अक्टूबर की अधिसूचना के अनुसार, सूची में उत्तर प्रदेश की गधे की 'ब्रज' नस्ल, जम्मू-कश्मीर की घोड़े की 'कश्मीरी' नस्ल, नगालैंड की सुअर की 'नागल' नस्ल, सिक्किम की याक की 'सिक्किमी' नस्ल और तमिलनाडु की कुत्ते की 'कोम्बाई' नस्ल भी शामिल हैं।

कृषि मंत्रालय के अंतर्गत कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग ने जनहित में पशुधन और कुत्ते की इन नस्लों को मान्यता देना आवश्यक और उपयुक्त माना।

अधिसूचना में कहा गया, ''यह अधिसूचित किया जाता है कि पशुधन और कुत्ते की उक्त नस्लें संबंधित राज्यों की अधिसूचित नस्लें होंगी। इनका पालन-पोषण पशुपालन, उत्पादन, प्रजनन, संरक्षण, उपयोग, उपभोग और व्यापार के उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।''

मंत्रालय ने कहा कि उपरोक्त उद्देश्यों के लिए इन नस्लों को पूरे देश में अधिसूचित किया जाएगा।

मंत्रालय ने वर्ष 2019 से इन स्वदेशी नस्लों पर देश का अधिकार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी पंजीकृत नस्लों को राजपत्र में अधिसूचित करना शुरू किया था।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय