पणजी, 19 अक्टूबर (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को कहा कि राज्य को काजू, फेनी, आम और बेबिंका जैसे अपने पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का लाभ उठाना चाहिए।
एफटीए के लाभ पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उनकी गुणवत्ता और पैकेजिंग में सुधार करने तथा जरूरी प्रमाणन हासिल करने पर भी जोर दिया।
सावंत ने कहा कि ये व्यापार समझौते गोवा के कारोबारियों, खासकर सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने, निर्यात बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ने के अवसर देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक बाजारों के साथ भारत का बढ़ता जुड़ाव घरेलू कारोबारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति बढ़ाने के नए अवसर खोल रहा है।’’
केंद्र की ‘मेक इन इंडिया’ पहल और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए सावंत ने घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और निर्यात बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि गोवा के विशिष्ट स्थानीय उत्पादों की विदेशी बाजारों में मांग बढ़ाने की क्षमता है, लेकिन कारोबारियों को उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, पैकेजिंग बेहतर करने, जरूरी प्रमाणन हासिल करने और प्रभावी वैश्विक विपणन रणनीतियां अपनाने पर ध्यान देना होगा।
‘गोवा से दुनिया तक—वैश्विक व्यापार के अवसरों का लाभ उठाना’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन राज्य के उद्योग, व्यापार एवं वाणिज्य निदेशालय ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और मुंबई स्थित विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के अतिरिक्त महानिदेशक कार्यालय के सहयोग से किया।
भाषा योगेश अजय
अजय