नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) पेट्रोल में एथनॉल मिलाने के लिए वर्ष 2026-27 की आपूर्ति अवधि की अपने नवीनतम खरीद निविदा में सरकारी पेट्रोलियम विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा गन्ने के रस, चीनी सिरप और बी-हेवी शीरे से उत्पादित एथनॉल को शामिल नहीं किए जाने के बाद सोमवार को चीनी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई पर श्री रेणुका शुगर्स का शेयर 6.37 प्रतिशत टूट गया, जबकि बजाज हिंदुस्तान शुगर में 5.64 प्रतिशत, द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज में 5.03 प्रतिशत, धामपुर शुगर मिल्स में चार प्रतिशत और डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज में 3.74 प्रतिशत की गिरावट आई।
इसके अलावा, बलरामपुर चीनी मिल्स का शेयर 2.90 प्रतिशत, ईआईडी पैरी इंडिया का शेयर 2.87 प्रतिशत, उत्तम शुगर मिल्स 2.45 प्रतिशत और त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज का शेयर 1.58 प्रतिशत नीचे आ गया।
सरकारी पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने पेट्रोल में मिश्रण के लिए वर्ष 2026-27 की आपूर्ति अवधि की अपने नवीनतम खरीद निविदा में गन्ने के रस, चीनी सिरप और बी-हेवी शीरे से उत्पादित एथनॉल की खरीद पर रोक लगाई है। सरकार का उद्देश्य देश में चीनी की घरेलू उपलब्धता बनाए रखने के साथ-साथ देशव्यापी पेट्रोल-एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम को जारी रखना है।
भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने 16 अक्टूबर को पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की ओर से यह निविदा जारी की थी। इसमें नवंबर से शुरू होने वाली आपूर्ति अवधि के लिए करीब 1,100 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति को बोलियां मांगी गई हैं, ताकि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण की आवश्यकता पूरी की जा सके। निविदा में मक्का आधारित एथनॉल के लिए प्रोत्साहन भी घटाया गया है। इसकी खरीद कीमत 71.86 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 68.86 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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