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दशहरा रैली में किसानों की समस्याएं होंगी प्रमुख मुद्दा : जरांगे

जालना, 19 अक्टूबर (भाषा) मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र में सूखे के बीच किसानों की समस्याएं उनकी दशहरा रैली का प्रमुख मुद्दा होंगी और यह रैली राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मंच नहीं बनेगी।

जरांगे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी रैली मंगलवार को नारायणगढ़ में होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे संबोधन में किसानों की परेशानी और महाराष्ट्र का कृषि संकट प्रमुख मुद्दा होगा, न कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप। फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान, बढ़ते आर्थिक घाटे और पानी की कमी के बीच किसानों को आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाना चाहिए।’’

जरांगे ने कहा, ‘‘जाति या धर्म कोई भी हो, किसान की पहली पहचान मिट्टी से जुड़े व्यक्ति की होती है। हम इस संकट का मिलकर सामना करेंगे और अपने अधिकारों तथा सरकार से मिलने वाली सहायता के लिए संघर्ष करेंगे।’’

उन्होंने दीपावली से पहले किसानों को पांच हजार रुपये अग्रिम सहायता राशि देने की राज्य सरकार की घोषणा की आलोचना करते हुए इसे अपर्याप्त बताया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 14 अक्टूबर को घोषणा की थी कि दीपावली से पहले किसानों के बैंक खातों में पांच हजार रुपये की शुरुआती राहत राशि सीधे जमा की जाएगी। यह घोषणा ऐसे समय की गई, जब महाराष्ट्र में 85 प्रतिशत से अधिक तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था।

जरांगे ने कहा कि किसान अपनी उपज के उचित दाम नहीं मिलने, कुओं के सूखने और फसलों को हुए नुकसान से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि चारे और पीने के पानी की कमी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता ने राहत राशि को किसानों का अपमान बताते हुए आरोप लगाया कि सहायता पाने के लिए लाभार्थियों को जटिल कागजी कार्रवाई और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ रहा है।

जरांगे ने आरोप लगाया कि संकट से जूझ रहे किसानों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही है, जबकि मंत्रियों के सरकारी आवासों की सजावट और नवीनीकरण पर बड़ी रकम खर्च की जा रही है।

उन्होंने राज्य की मंत्री पंकजा मुंडे की ओर से उनके पैतृक गांव अंतरवाली सराटी को गोद लेने की घोषणा का स्वागत भी किया। यह गांव राज्य में मराठा आरक्षण आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा है।

जरांगे ने कहा कि यदि गांव को गोद लेने से उसका समग्र विकास होता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने वडिगोद्री-अंतरवाली सराटी सड़क को चार लेन का बनाने, गांव में सीमेंट-कंक्रीट की सड़कें बनवाने, पेवर ब्लॉक लगाने और स्कूलों, मंदिरों तथा मस्जिदों के आसपास के क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण करने की मांग की।

उन्होंने गांव में शराब की दुकान को स्थायी रूप से बंद करने की मांग करते हुए कहा कि इन उपायों से अंतरवाली सराटी को एक आदर्श गांव बनाया जा सकेगा।

जरांगे ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें घेरने और अलग-थलग करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मराठा समुदाय का समर्थन हासिल कर चुके कुछ लोग अब उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।

भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश

नरेश