नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) भारत इस महीने पहली बार अंतरराष्ट्रीय विधिक मापन विज्ञान समिति (सीआईएमएल) की बैठक की मेजबानी करेगा, जिसमें 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा आयोजित सीआईएमएल की 61वीं बैठक 26 से 28 अक्टूबर तक राष्ट्रीय राजधानी में होगी।
विभाग ने सोमवार को बयान में कहा, ‘‘इस बैठक में दुनियाभर से 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और विधिक माप विज्ञान विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है।’’
प्रतिनिधियों में अंतरराष्ट्रीय विधिक माप विज्ञान संगठन (ओआईएमएल) के सदस्य देशों, संबद्ध सदस्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
विभाग ने कहा, ‘‘पहली बार इस बैठक की मेजबानी करना अंतरराष्ट्रीय सहयोग, मापन मानकों में सामंजस्य, निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।’’
तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान सीआईएमएल के सदस्य अंतरराष्ट्रीय सिफारिशों के विकास और संशोधन, ओआईएमएल की तकनीकी गतिविधियों, ओआईएमएल प्रमाणन प्रणाली (ओआईएमएल-सीएस), डिजिटल बदलाव, क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
ओआईएमएल एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना 1955 में विधिक माप विज्ञान प्रक्रियाओं में वैश्विक स्तर पर सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। यह व्यापार, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में इस्तेमाल होने वाले मापन उपकरणों के लिए अंतरराष्ट्रीय सिफारिशें, मानक और संबंधित दस्तावेज तैयार करता है।
सीआईएमएल की 60वीं बैठक पिछले साल 13 से 15 अक्टूबर तक पेरिस में आयोजित की गई थी। इसमें 55 सदस्य देशों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इसके अलावा, 12 संबद्ध सदस्य देशों और पांच सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया था।
भाषा राजेश राजेश अजय
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