ढाका, 19 अक्टूबर (भाषा) ढाका में मादक पदार्थों के एक संदिग्ध अड्डे पर सशस्त्र छापेमारी से उपजे विवाद के बाद बांग्लादेश सरकार के एक कनिष्ठ मंत्री ने सोमवार को पद से इस्तीफा दे दिया।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने इस घटना को लेकर विवाद पैदा होने पर उन्हें पद छोड़ने के लिए कहा था।
इशराक हुसैन (39) ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उनसे कहा कि आज से ही, मैं मुक्ति संग्राम मामले के मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों से स्वेच्छा से मुक्त होना चाहता हूं।’’
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनके अनुरोध पर ‘‘सहमति जता दी’’ है।
हुसैन ने इस सशस्त्र छापेमारी का एक वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। वीडियो में वह एक गाड़ी से बाहर निकलते दिख रहे हैं। उनके एक हाथ में मेगाफोन है और दूसरे में पिस्तौल। उनके साथ सादे कपड़ों में कई कर्मी भी हैं, जिनमें से कुछ के पास बंदूकें हैं।
मंत्री ने वीडियो के ‘कैप्शन’ में लिखा था, ‘‘इशराक की कार्रवाई: नशीले पदार्थों के अड्डों को नष्ट किया गया और तस्करों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।’’
बाद में इस वीडियो को हटा दिया गया, क्योंकि इस छापेमारी को लेकर लोगों के बीच बहस छिड़ गई थी। ये सवाल उठाए गए कि क्या किसी मंत्री का खुद हथियार लेकर किसी छापेमारी का नेतृत्व करना उचित है।
वीडियो में हुसैन को अपने ढाका-6 निर्वाचन क्षेत्र में गंडारिया रेलवे स्टेशन के पास एक झुग्गी-बस्ती में लोगों के एक समूह का पीछा करते हुए और ‘‘पकड़ो इन्हें, पकड़ो इन्हें!’’ चिल्लाते हुए देखा गया।
उनके साथ मौजूद कर्मियों द्वारा हिरासत में लिये गए कुछ लोगों ने दावा किया कि वे बेकसूर हैं और उन्होंने छोड़े जाने की गुहार लगाई। हुसैन को यह कहते हुए सुना गया, ‘‘पुलिस को आने दो, फिर बात होगी।’’
बाद में पुलिस ने बताया कि मंत्री ने उन्हें पूर्व सूचना दिये बिना ही छापेमारी की और छह-सात लोगों को हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस थाने को सौंप दिया था।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त मसूद राणा ने पत्रकारों को बताया, ‘‘माननीय राज्य मंत्री ने हमें छापेमारी के बारे में पहले से सूचित नहीं किया था। हमें इसके बारे में बाद में पता चला।’’
गंडारिया पुलिस थाना प्रभारी मोनिरुज्जमां मोनिर ने कहा कि हिरासत में लिये गए लोगों के पास से कुछ पाउडर बरामद हुआ है। इसकी जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह कोई मादक पदार्थ तो नहीं है।
भाषा सुभाष सुरेश
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